अमृतसर: पंजाब सरकार के निर्देशों के अनुसार जिला प्रशासन अमृतसर द्वारा ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत जिले में नशों के 56 हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित गांवों और क्षेत्रों में लोगों को नशों के खिलाफ लामबंद करने के लिए जागरूकता बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
इसी कड़ी में जिला प्रशासन द्वारा गांव हरशा छीना में गांववासियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की गई। बैठक के दौरान तहसीलदार लोपोके श्री तरलोचन सिंह के नेतृत्व में पंचायत विभाग के अधिकारियों ने लोगों को नशों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया।
अधिकारियों ने गांववासियों से अपील की कि वे अपने आसपास नशे की गिरफ्त में आए व्यक्तियों की पहचान करें और उन्हें उपचार करवाने के लिए प्रेरित करें। साथ ही ऐसे व्यक्तियों को सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचाने में सहयोग दें, ताकि उन्हें नशे से मुक्त कर दोबारा सामान्य जीवन की राह पर लाया जा सके।
इसके अलावा लोगों से अपील की गई कि यदि उनके क्षेत्र में कोई व्यक्ति नशीले पदार्थों की तस्करी या बिक्री में संलिप्त है, तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन या पुलिस विभाग के अधिकारियों को दी जाए, ताकि ऐसे समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ समय रहते उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।
इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर अमृतसर दलविंदरजीत सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार के निर्देशों के अनुसार जिले में ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत जागरूकता गतिविधियां लगातार जारी हैं। इस अभियान का उद्देश्य लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए नशों के खात्मे के लिए सामूहिक प्रयास करना है। नशे की समस्या से निपटने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग का सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में प्रशासन का साथ दें और युवाओं को नशों से दूर रखने के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। डिप्टी कमिश्नर ने विश्वास व्यक्त किया कि लोगों के सहयोग से जिला प्रशासन समाज से नशों की बुराई को समाप्त करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।
📍 Location: Amritsar (Amritsar)

