अमृतसर: शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के ह्यूमन राइट्स जनरल सेक्रेटरी स. जसवंत सिंह खालड़ा की शहादत की बरसी आज शिरोमणि अकाली दल अमृतसर ने श्री अकाल तख्त साहिब के सामने मनाई। पार्टी के वर्किंग प्रेसिडेंट इमान सिंह मान की लीडरशिप में पार्टी नेताओं और वर्करों ने जसवंत सिंह खालड़ा को श्रद्धांजलि दी। रिपोर्टर्स से बात करते हुए इमान सिंह मान ने कहा कि यह अरदास जसवंत सिंह खालरा की किडनैपिंग से एक दिन पहले उनकी याद में की गई है। उन्होंने खालड़ा केस समेत पंजाब में कथित एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल किलिंग के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया और इंसाफ की मांग की।
मान ने शिरोमणि अकाली दल बादल और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के काम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सिख नौजवानों की कथित गैर-कानूनी हत्याओं के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ पूरी कार्रवाई नहीं की गई और जसवंत सिंह खालड़ा के मामले में पूरा इंसाफ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अगर SGPC जसवंत सिंह खालड़ा की याद में कोई इवेंट कर रही है, तो श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को इस मौके पर पंजाब में ह्यूमन राइट्स के उल्लंघन और खालड़ा केस से जुड़े मुद्दों पर साफ-साफ बोलना चाहिए। मान ने मौजूदा पंजाब पुलिस की परफॉर्मेंस पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पुराने जमाने की कथित टॉर्चर वाली सोच पुलिस में अभी भी जारी है। उन्होंने हाल ही में सुनाम से जुड़े मोहनजीत सिंह के केस का ज़िक्र किया और कथित टॉर्चर की जांच की मांग की। स. मान ने केंद्र सरकार द्वारा कथित तौर पर ‘वंदे मातरम’ गाना जरूरी करने के मुद्दे पर भी कड़ा विरोध जताया।
उन्होंने कहा कि सिखों को किसी भी ऐसे धार्मिक या सोच वाले तरीके को मानने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए, जो सिख उसूलों के मुताबिक न हो। उन्होंने ऐलान किया कि इस बारे में वह जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब के नाम श्री अकाल तख्त साहिब के ऑफिस में एक नोटिस देंगे, जब तक जत्थेदार ‘वंदे मातरम’ के मुद्दे पर अपना स्टैंड साफ नहीं करते, उनकी पार्टी यह मुद्दा उठाती रहेगी। इस मौके पर सरदार ईमान सिंह मान ने ऐलान किया कि 15 सितंबर को सारागढ़ी सराय के बाहर ‘डेमोक्रेसी डे’ मनाया जाएगा। इसके बाद श्री अकाल तख्त साहिब की तरफ एक मार्च भी निकाला जाएगा, जब तक जत्थेदार और वंदे मातरम अपना स्टैंड साफ नहीं करते, मार्च के बाद अनिश्चित समय के लिए अकाल तख्त सेक्रेटेरिएट के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।
इस मौके पर हरमनदीप सिंह सुल्तानविंड, कुलवंत सिंह कोटला, हरजीत सिंह मियांपुर, दलजीत सिंह बाजवा, कुलवंत सिंह मझैल, बलविंदर सिंह काला, जसकरण सिंह नांगल, रविशेर सिंह, दविंदर सिंह सदियोरा और दूसरे लोग मौजूद थे।

