पंजाब डेस्क: लुधियाना में केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सूफिया चौक के पास बन रहे ‘स्कूल ऑफ़ एमिनेंस’ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल निर्माण में हो रही लंबी देरी पर नाराजगी जताई और पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
मीडिया से बातचीत में मंत्री बिट्टू ने कहा कि यह स्कूल प्रोजेक्ट कांग्रेस सरकार के समय करोड़ों रुपये के बजट के साथ शुरू किया गया था, ताकि छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा और सुविधाएं मिल सकें। लेकिन बार-बार याद दिलाने के बावजूद यह स्कूल आज भी अधूरा पड़ा है। उन्होंने कहा, “AAP सरकार शिक्षा जैसे अहम मुद्दे को नज़रअंदाज़ कर रही है और राजनीति के चलते छात्रों का भविष्य खतरे में डाला जा रहा है।”

रवनीत बिट्टू ने दावा किया कि पंजाब में कांग्रेस और AAP, INDIE (INDIA) ब्लॉक के तहत एक तरह से “शैडो अलायंस” में काम कर रही हैं। उनका कहना था कि दोनों पार्टियां एक-दूसरे की नाकामियों पर खुलकर बोलने से बचती हैं, ताकि राजनीतिक फायदे सुरक्षित रह सकें, जबकि आम जनता के मुद्दे पीछे छूट जाते हैं।
मंत्री बिट्टू ने लुधियाना नगर निगम (MC) को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम के कई कर्मचारी शहर की सेवाओं के बजाय स्थानीय विधायकों और पार्षदों के निजी दफ्तरों में काम कर रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया कि जल्द ही वह ऐसे कर्मचारियों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक करेंगे।
गांवों को नगर निगम सीमा में शामिल करने के फैसले पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उनका आरोप था कि यह कदम असली विकास के लिए नहीं, बल्कि ज़मीन की कीमतें बढ़ाने और अवैध कॉलोनियों को वैध करने के इरादे से उठाया गया है।

बुद्ध नाला सफाई: मंत्री ने कहा कि बुद्ध नाले की सफाई के लिए काम कर रहे पर्यावरणविद संत सीचेवाल को भी सरकारी सिस्टम और प्रशासनिक रुकावटों का सामना करना पड़ा।
स्टेडियम का निजीकरण: उन्होंने स्थानीय स्टेडियमों को कॉर्पोरेट कंपनियों को सौंपने की कथित योजना का विरोध किया। बिट्टू ने कहा कि खेल सुविधाओं को मुनाफे का साधन बनाना पंजाब के युवाओं और खिलाड़ियों के हितों के खिलाफ है।
रेलवे प्रोजेक्ट्स: मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने कुछ लंबित रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है और बाकी औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएंगी ताकि काम तेज़ हो सके।
मनरेगा में सुधार: मनरेगा योजना का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें किए गए बदलावों का मकसद यह है कि आम लोगों को अब अपने हक के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और अधिकारी उन्हें परेशान न कर सकें।

रवनीत बिट्टू ने साफ कहा कि पंजाब में शिक्षा, नगर निगम, पर्यावरण और खेल जैसे अहम मुद्दों पर सरकार की लापरवाही सामने आ रही है। उनके मुताबिक, अगर समय रहते इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका सीधा नुकसान छात्रों, युवाओं और आम जनता को होगा।