अमृतसर : पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के तहत अमृतसर के सुल्तानविंड क्षेत्र में जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। तहसील अमृतसर-1 के वार्ड नंबर 6 में आयोजित इस बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों और वार्ड डिफेंस कमेटी के प्रतिनिधियों से संवाद किया। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम अमृतसर-1 अलका कालिया ने की। इस दौरान पुलिस विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
नशे के खिलाफ जनभागीदारी जरूरी
बैठक को संबोधित करते हुए एसडीएम अलका कालिया ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ समाज की भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के अभियान के तहत लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है और नशा तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे अपने आसपास नशे से जुड़ी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहें और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करें।
नशे की लत से पीड़ित लोगों की मदद करने की अपील
एसडीएम ने कहा कि यदि किसी परिवार या मोहल्ले में कोई व्यक्ति नशे की लत से जूझ रहा है, तो उसे उपेक्षित करने के बजाय सहयोग और प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। ऐसे लोगों को नशा मुक्ति केंद्र में उपचार करवाने के लिए प्रेरित करना जरूरी है, ताकि वे नशे की लत से उबरकर सामान्य जीवन की ओर लौट सकें। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या का समाधान करने के लिए प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए।
शहर और गांवों में चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
एसडीएम अलका कालिया ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के अंतर्गत शहरी वार्डों और ग्रामीण क्षेत्रों में जनसभाएं आयोजित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशे से होने वाले नुकसान और इसके सामाजिक प्रभावों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ प्रयासों को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय निवासियों, सामाजिक संगठनों और संबंधित विभागों का सहयोग महत्वपूर्ण है।
युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर
बैठक के दौरान लोगों से अपील की गई कि वे अपने परिवारों और आसपास के क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाएं तथा युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करें। प्रशासन का उद्देश्य जनसहयोग के माध्यम से नशे की समस्या पर नियंत्रण पाने और प्रभावित लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों को आगे बढ़ाना है।

