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श्री मुक्तसर साहिब में पराली प्रबंधन को लेकर जागरूकता अभियान शुरू

श्री मुक्तसर साहिब: धान की पराली जलाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को लेकर किसानों को जागरूक करने के लिए श्री मुक्तसर साहिब में विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत एक प्रचार वैन को गांवों में भेजा गया है, जो किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन और पराली जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देगी।

यह अभियान सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) गुरकिरण दीप सिंह और मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. जगसीर सिंह की देखरेख में चलाया जा रहा है। सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डॉ. राजविंदर सिंह की अगुवाई में शुरू किए गए इस अभियान को SDM ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

प्रचार वैन श्री मुक्तसर साहिब ब्लॉक के विभिन्न गांवों में पहुंचकर किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित करेगी। इस दौरान किसानों को फसल अवशेषों के वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन और उपलब्ध सरकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।

SDM गुरकिरण दीप सिंह ने कहा कि धान की पराली को आग लगाने से वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि पराली का धुआं विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली जलाने के बजाय कृषि विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सब्सिडी वाली मशीनरी का इस्तेमाल करें।

खेत में ही फसल अवशेष प्रबंधन पर जोर

सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डॉ. राजविंदर सिंह ने किसानों को फसल अवशेषों का प्रबंधन खेत में ही करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि पराली को मिट्टी में मिलाने से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिलती है और रासायनिक खाद की जरूरत भी कम हो सकती है।

उन्होंने जानकारी दी कि क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट (CRM) योजना के तहत अनुसूचित जाति (SC) श्रेणी के किसानों के लिए कृषि मशीनरी पर आवेदन करने का पोर्टल दोबारा खोला गया है। उन्होंने पात्र किसानों से इस योजना का लाभ उठाने और फसल अवशेष प्रबंधन में सहयोग देने की अपील की।

कृषि विभाग की ओर से किसानों को सलाह दी गई है कि पराली प्रबंधन से जुड़ी योजनाओं, मशीनरी और अन्य तकनीकी जानकारी के लिए वे अपने संबंधित सर्कल कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। अभियान की शुरुआत के मौके पर मनिंदरदीप सिंह (ADO), गगनदीप सिंह मान (DPD, ATMA), मनदीप सिंह (जूनियर टेक्नीशियन) और हरभजन सिंह (ASI) सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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