
Awareness is the greatest weapon for prevention. : लुधियाना। आज पूरे ज़िले में ‘हैप्पी टाइटस डे’ (विश्व हेपेटाइटिस दिवस) मनाया जा रहा है। हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों से बचने के लिए जागरूकता ही सही कदम है। हेपेटाइटिस से बचने के लिए हमें अपने रोज़मर्रा के खान-पान पर ध्यान देना चाहिए।
लुधियाना ज़िला स्वास्थ्य प्रशासन ने आज विश्व हेपेटाइटिस दिवस के मौके पर ज़िले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान लोगों को हेपेटाइटिस बीमारी के कारणों, लक्षणों, बचाव और इलाज के बारे में जानकारी दी गई। इस बारे में जानकारी देते हुए कार्यवाहक सिविल सर्जन डॉ. हरिंदर सूद ने कहा कि हेपेटाइटिस एक गंभीर वायरल बीमारी है जो लिवर को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण से हेपेटाइटिस बी से बचाव संभव है, जबकि समय पर जांच और इलाज से हेपेटाइटिस सी का इलाज किया जा सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे समय-समय पर अपनी जांच करवाएं, सुरक्षित जीवनशैली अपनाएं और कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। डॉ. सूद ने कहा कि सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, आम आदमी क्लीनिकों और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य शिक्षा सत्रों और काउंसलिंग के ज़रिए लोगों को हेपेटाइटिस से बचाव के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि असुरक्षित टीकाकरण से बचना, केवल जांचा हुआ खून चढ़वाना, स्टरलाइज़ की हुई सुइयों और मेडिकल उपकरणों का इस्तेमाल करना, रेज़र और टूथब्रश साझा न करना और हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाना इस बीमारी से बचने के लिए बहुत ज़रूरी है।
उन्होंने बताया कि ब्लॉक एक्सटेंशन एजुकेटर्स (BEEs) की देखरेख में ब्लॉक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान लोगों को हेपेटाइटिस के बारे में स्वास्थ्य शिक्षा दी गई और समय पर जांच और इलाज के लिए प्रेरित किया गया। इन गतिविधियों में मेडिकल ऑफिसर, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, स्टाफ नर्स, ANM, आशा वर्कर और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। डॉ. सूद ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग हेपेटाइटिस-मुक्त समाज का लक्ष्य हासिल करने के लिए जागरूकता, समय पर जांच, टीकाकरण और इलाज को और मज़बूत कर रहा है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...