
जालंधरः देशभर में बैंक यूनियनों की ओर से लंबित मांगों और अन्य मुद्दों को लेकर शुक्रवार को हड़ताल की गई। इसका असर जालंधर में भी देखने को मिला, जहां सरकारी बैंकों की कई शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण बैंक शाखाओं में पहुंचे ग्राहकों को कई बैंकिंग सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और अन्य ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध रहने के कारण कुछ जरूरी काम इन माध्यमों से किए जा सके।
हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार व बैंक प्रबंधन के खिलाफ रोष जताया। पीएनबी स्टाफ यूनियन के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी विनोद शर्मा ने बताया कि ऑल इंडिया स्तर पर हड़ताल रखी गई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया जा रहा।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) से संबंधित मांगों पर कार्रवाई करना सहित अन्य मांगें शामिल हैं। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही।
विनोद शर्मा ने कहा कि वर्ष 2024 में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को लेकर सहमति बनने के बावजूद इस दिशा में अब तक फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस मामले को लगातार टाल रही है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो आगामी दिनों में भी हड़ताल की जा सकती है। कर्मचारियों ने अन्य लंबित मुद्दों को लेकर भी प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री के खिलाफ विरोध जताया। उनका कहना है कि सरकार को बैंक कर्मचारियों की मांगों पर जल्द निर्णय लेकर समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
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