Bans Unauthorized Sale and Use of Animal Semen : मोगा। पशुओं की नस्ल और उत्पादकता से खिलवाड़ नहीं चलेगा। मोगा के डीसी सागर सेतिया ने जिले में अनधिकृत पशु सीमन के भंडारण, परिवहन, बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेंगे। अधिकृत पशु अस्पतालों और कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों को छूट दी गई है।
इसके अलावा ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के अधीन चल रहे ग्रामीण वेटरनरी अस्पताल, जो पशुपालन विभाग की ओर से सप्लाई किए गए सीमन का इस्तेमाल कर रहे हैं, वे भी इस प्रतिबंध के दायरे में नहीं आएंगे। आदेशों के अनुसार पशुपालन विभाग पंजाब, मिल्कफेड और गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (गडवासू), लुधियाना की ओर से संचालित कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों को भी छूट रहेगी। इसके साथ ही अन्य ऐसे कृत्रिम गर्भाधान केंद्र, जो पशुपालन विभाग पंजाब की ओर से प्रोसेस और सप्लाई किए गए अथवा आयातित बोवाइन सीमन का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें भी इस आदेश से बाहर रखा गया है।
प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन पंजाब के वे सदस्य, जिन्होंने केवल अपने पशुओं के इस्तेमाल के लिए बोवाइन सीमन आयात किया है, उन्हें भी छूट प्रदान की गई है। डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने बताया कि अनधिकृत तरीके से बेचे जा रहे सीमन का इस्तेमाल राज्य की प्रजनन नीति के अनुरूप नहीं है। ऐसे सीमन की वंशावली (पेडिग्री) के बारे में प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध नहीं होती। इससे पशुओं की नस्ल खराब होने और उनकी उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। उन्होंने कहा कि इसका नुकसान तुरंत सामने नहीं आता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में इसके गंभीर परिणाम दिखाई दे सकते हैं।
इससे पशुधन की नस्ल सुधारने के लिए पशुपालन विभाग की ओर से लंबे समय से किए जा रहे प्रयास भी प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए पशुपालकों के हित और पशुधन की गुणवत्ता को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

