Bar Election: Sunil Garg files nomination : मोगा। जिला बार एसोसिएशन मोगा के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता और आठ बार बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके सुनील कुमार गर्ग ने शनिवार को अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर चुनावी मैदान में ताल ठोक दी।
आरओ केके मित्तल के पास नामांकन जमा करवाने के दौरान बड़ी संख्या में वरिष्ठ, जूनियर और युवा अधिवक्ता मौजूद रहे। नामांकन के साथ ही सुनील गर्ग ने बार के विकास, अधिवक्ताओं के हितों, बेहतर कोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और बार-बेंच के मजबूत समन्वय को अपने प्रमुख एजेंडे के रूप में सामने रखा। नामांकन के दौरान बड़ी संख्या में वरिष्ठ, जूनियर और युवा अधिवक्ता मौजूद रहे। सुनील गर्ग एडवोकेट का नाम मोगा के विकास और अधिवक्ताओं के हितों से जुड़े लंबे संघर्षों के साथ जुड़ा रहा है। मोगा को जिला बनाने की मुहिम में उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई। इसके बाद मोगा में सेशन डिवीजन स्थापित करवाने, एडीशनल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशन जज की अदालतें लाने, अधिवक्ताओं के चैंबर्स की मांग उठाने तथा बार रूम और कोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए भी वह लगातार सक्रिय रहे।शनिवार की छुट्टी के लिए हाईकोर्ट तक संघर्ष अधिवक्ताओं के हितों से जुड़े उनके प्रमुख संघर्षों में शनिवार की छुट्टी की मांग भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
सुनील गर्ग ने पंजाब एवं हरियाणा के अधिवक्ताओं को साथ लेकर इस मांग को लेकर लंबे समय तक संघर्ष किया। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी अधिवक्ताओं के साथ धरने और आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई। उनका कहना था कि अदालतों में लगातार व्यस्त रहने वाले अधिवक्ताओं को अपने घरेलू कार्यों, कार्यालय संबंधी आवश्यकताओं और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों के लिए भी समय मिलना चाहिए। लंबे संघर्ष और लगातार प्रयासों के बाद महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अधिवक्ताओं के लिए अवकाश की व्यवस्था हुई। इस व्यवस्था का लाभ मोगा के साथ-साथ पंजाब एवं हरियाणा की विभिन्न बार एसोसिएशनों से जुड़े अधिवक्ताओं को भी मिला। बार-बेंच में बेहतर तालमेल पर जोर सुनील गर्ग ने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि अधिवक्ताओं के लिए बेहतर कार्य वातावरण तभी तैयार हो सकता है, जब बार और बेंच के बीच मजबूत, सम्मानजनक और सकारात्मक समन्वय हो।
अपने पूर्व कार्यकालों के दौरान उन्होंने न्यायिक अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने के साथ-साथ अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के स्तर पर भी प्रभावी ढंग से उठाने पर जोर दिया। युवा अधिवक्ताओं की बेहतरी भी उनके एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। उनका कहना है कि नए अधिवक्ताओं को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए, जहां वे कानूनी क्षेत्र में बेहतर तरीके से सीख सकें, अपनी प्रैक्टिस को आगे बढ़ा सकें और सम्मान के साथ अपना भविष्य बना सकें। इसके लिए बेहतर कोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, जरूरी सुविधाओं और बार-बेंच के सकारात्मक समन्वय को वह आवश्यक मानते हैं। बोले- चुनाव पद के लिए नहीं, बार की सेवा का अवसर नामांकन दाखिल करने के बाद सुनील गर्ग ने कहा कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में हमेशा पद से अधिक सेवा को महत्व दिया है।
उनके लिए बार का प्रत्येक सदस्य महत्वपूर्ण है और वह वरिष्ठ अधिवक्ताओं के अनुभव, साथी अधिवक्ताओं के सहयोग तथा युवा अधिवक्ताओं की ऊर्जा को साथ लेकर बार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि यह चुनाव उनके लिए केवल एक पद का चुनाव नहीं, बल्कि उस बार की सेवा का एक और अवसर है, जिसने वर्षों से उन्हें सम्मान और विश्वास दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा बार के हितों के लिए आवाज उठाई है और जहां जरूरत पड़ी, वहां मजबूती से संघर्ष किया है। भविष्य में भी उनका प्रयास रहेगा कि प्रत्येक अधिवक्ता की आवाज को सम्मान मिले तथा बार और बेंच के बीच और बेहतर समन्वय कायम हो। सुनील गर्ग ने जिला बार एसोसिएशन मोगा के वरिष्ठ अधिवक्ताओं, साथी अधिवक्ताओं और युवा अधिवक्ताओं से अपने नामांकन के अवसर पर आशीर्वाद, सहयोग और समर्थन की अपील की।
उन्होंने कहा कि वर्षों से अधिवक्ताओं द्वारा दिया गया विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और वह बार की एकता, अधिवक्ताओं के सम्मान, बेहतर कार्य वातावरण तथा युवा अधिवक्ताओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेंगे।नामांकन के दौरान सीनियर एडवोकेट खुशविंदरपाल सिंह गिल, एडवोकेट हरपाल सिंह गिल, एडवोकेट हरदीप सिंह लोधी, एडवोकेट वरिंदरपाल सिंह रत्तियां, एडवोकेट चमकौर सिंह बराड़, एडवोकेट इकबाल सिंह, एडवोकेट हरप्रीत सिंह लाली, एडवोकेट परोपकार सिंह संघा, एडवोकेट मनीष मजीठिया, एडवोकेट सुनील जैसवाल, एडवोकेट शाम लाल, एडवोकेट सुरिंदर डरोली, एडवोकेट अमरदीप गिल, एडवोकेट राजेश मुखीजा, एडवोकेट आशीष ग्रोवर, एडवोकेट सुखचैन सिंह सोढ़ी, एडवोकेट राजेश शर्मा और एडवोकेट दीदार सिंह मत्ता सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ, जूनियर और अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

