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बरनाला घटना की जांच और शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी गठित: Harjot Singh Bains

Harjot Singh Bains

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चंडीगढ़: सफाई सेवकों के सम्मान और गरिमा की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने आज ठेके पर कार्यरत सफाई सेवकों एवं सीवरमैन के मासिक मानदेय में बड़ा इज़ाफ़ा करने का निर्णय लिया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा तथा स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पंजाब राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन चंदन ग्रेवाल और पंजाब दलित विकास बोर्ड के चेयरमैन श्री विजय दानव के नेतृत्व में सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ पूरे दिन चली व्यापक और सकारात्मक वार्ता के बाद यह निर्णय लिया। सफल बातचीत के उपरांत राज्यभर के सफाई कर्मचारियों ने अपनी जारी हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी।

आज शाम पंजाब भवन में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “सफाई सेवक हमारे शहरों की स्वच्छता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि अब ठेके पर कार्यरत सफाई सेवकों और सीवरमैन को नियमित सफाई सेवकों एवं सीवरमैन को परिवीक्षा काल के दौरान मिलने वाले कुल मासिक मानदेय के बराबर भुगतान किया जाएगा।”

उन्होंने बताया कि शहरी स्थानीय निकायों और नगर सुधार ट्रस्टों द्वारा अनुबंध के आधार पर नियुक्त सफाई कर्मचारियों को अब 1 अगस्त, 2026 से नियमित कर्मचारियों के परिवीक्षा काल के दौरान मिलने वाले 20,500 रूपये प्रति माह के बराबर मानदेय दिया जाएगा।

हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि संशोधित वेतन संरचना के तहत अनुबंध आधारित कर्मचारियों के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि पहले इन कर्मचारियों का मासिक मानदेय 10,500 रूपये था, जिसे हाल ही में बढ़ाकर 14,000 रूपये किया गया था और अब इसे बढ़ाकर 20,500 रूपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मान सरकार के इस निर्णय से स्वच्छता सेवाओं से जुड़े हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने सभी शहरी स्थानीय निकायों और नगर सुधार ट्रस्टों को निर्देश दिए हैं कि वे 1 अगस्त से इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करें।

बरनाला में हाल ही में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना का उल्लेख करते हुए स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच और शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रत्येक सफाई कर्मचारी के कल्याण तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ पंजाब के निर्माण के प्रति मान सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राज्य सरकार सार्वजनिक सेवा में योगदान देने वाले प्रत्येक कर्मचारी के सम्मान की रक्षा करने तथा सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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