घायल सफाई कर्मचारियों के इलाज का पूरा खर्च प्रशासन उठाए, खर्च की गई राशि वापस करने के निर्देश
बरनालाः राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएसपी के साथ-साथ मौके पर तैनात ड्यूटी मजिस्ट्रेट के खिलाफ भी उचित कार्रवाई करने के लिए उपायुक्त (डीसी) बरनाला को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में ड्यूटी मजिस्ट्रेट की लापरवाही भी सामने आई है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
अपने एक दिवसीय बरनाला दौरे के दौरान हरदीप सिंह गिल ने उपायुक्त हरप्रीत सिंह, एसएसपी, सिविल सर्जन तथा अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ डीसी कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने एसएसपी को लाठीचार्ज मामले में दर्ज डीडीआर की प्रति तथा घटना वाले दिन ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सूची तत्काल आयोग को भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिए कि घायल सफाई कर्मचारियों द्वारा इलाज पर अब तक खर्च की गई राशि वापस की जाए तथा उनके उपचार का पूरा खर्च जिला प्रशासन वहन करे। साथ ही समाजिक सुरक्षा विभाग के माध्यम से घायल कर्मचारियों को देय मुआवजा शीघ्र उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा।
बैठक के दौरान आयोग के उपाध्यक्ष ने सफाई कर्मचारी यूनियन के नेताओं तथा वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों का पक्ष भी सुना। उन्होंने कहा कि यदि माननीय हाईकोर्ट के कूड़ा उठाने संबंधी आदेशों की जानकारी पहले ही कर्मचारियों और यूनियन को लिखित अथवा मौखिक रूप से दे दी जाती, तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।
इसके उपरांत हरदीप सिंह गिल ने सिविल अस्पताल बरनाला का दौरा कर लाठीचार्ज में घायल सफाई कर्मचारियों का हालचाल जाना। उन्होंने मरीजों की फाइलों की जांच की, उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त की तथा अस्पताल में भर्ती 13 घायलों की मेडिकल रिपोर्ट मौके पर ही मंगवाई। इसके अलावा अस्पताल में बंद पड़ी एक्स-रे मशीन को 24 घंटे के भीतर चालू करने के निर्देश भी दिए।
अपने दौरे के दौरान हरदीप सिंह गिल नगर निगम कार्यालय में धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों से भी मिले और उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने वाल्मीकि मंदिर में माथा टेककर समाज के प्रतिनिधियों से भी विचार-विमर्श किया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहा है और जब तक पीड़ित सफाई कर्मचारियों को न्याय नहीं मिल जाता, आयोग अपनी कार्रवाई जारी रखेगा।
इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरदीप सिंह गिल ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा, कल्याण और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब के डीजीपी द्वारा इस मामले संबंधी रिपोर्ट राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग को भेज दी गई है। उल्लेखनीय है कि आयोग ने इस मामले में पंजाब के मुख्य सचिव तथा डीजीपी को स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) लेते हुए नोटिस जारी किया था।

