Bathinda Intensifies Anti-Drug Drive in Affected Villages : बठिंडा। पंजाब सरकार के ‘नशे के खिलाफ जंग’ अभियान के अंतर्गत, सिविल और पुलिस टीमें उन गांवों पर कड़ी नज़र रख रही हैं, जहां नशीले पदार्थों से जुड़े मामले बड़ी संख्या में सामने आए हैं।
डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान ने बठिंडा के एसएसपी सुहेल कासिम मीर के साथ मिलकर इन प्रभावित गांवों में हो रहे कार्यों की समीक्षा की और यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन गांवों में मौजूद खाली या छोड़ी गई इमारतों को साफ करने और वहां से गंदगी हटाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इन इलाकों में ऐसी जगहों—जिनमें पुरानी सरकारी और निजी इमारतें शामिल हैं—को खाली कराने की कोशिशें चल रही हैं, जिनका इस्तेमाल नशा तस्कर या नशे की लत से जूझ रहे लोग छिपने के लिए कर सकते हैं। इसके अलावा, अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए इन जगहों पर उगी झाड़ियों को भी साफ किया जा रहा है।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि नशा प्रभावित गांवों में वॉलीबॉल और क्रिकेट टीमें बनाई गई हैं। उन्होंने कहा, “खेल विभाग इन टीमों को जरूरी मदद देगा और जल्द ही गांवों के बीच खेल टूर्नामेंट आयोजित किए जाएंगे।” बठिंडा के एसएसपी सुहेल कासिम मीर ने इन गांवों में चल रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि पुलिस और सिविल प्रशासन दोनों ही इन इलाकों में चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। इन गांवों के युवाओं की पहचान की गई है, जिन्हें कम समय के कौशल प्रशिक्षण (skill training) कोर्स कराए जाएंगे, ताकि वे रोजगार पाने के काबिल बन सकें। इस मौके पर एडिशनल डिप्टी कमिश्नर सुश्री कंचन, सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, डीएसपी, ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

