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बठिंडा की सड़कों की मरम्मत 33 करोड़ रुपये से होगी, शहर 7-8 महीने में गड्ढा मुक्त हो जाएगा: मेयर पदमजीत सिंह मेहता

बठिंडा: बठिंडा शहर की सड़कों को सुंदर, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के मकसद से नगर निगम ने सड़कों के कंस्ट्रक्शन और रेनोवेशन के काम में तेजी ला दी है। इसी कड़ी में आज मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने पार्षद श्रीमती कमलेश मेहरा के वार्ड नंबर 47 में स्थित विशाल नगर से प्रीमिक्स सड़क बनाने का काम शुरू किया।

इस दौरान मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने कहा कि बठिंडा शहर की सभी सड़कों को गड्ढों से मुक्त करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रीमिक्स डालने का काम शुरू कर दिया गया है। शहर की अलग-अलग सड़कों को करीब 33 करोड़ रुपये की लागत से रेनोवेट किया जा रहा है। नगर निगम का मकसद अगले 7 से 8 महीने के अंदर बठिंडा की सड़कों को गड्ढों से मुक्त करके शहरवासियों को बेहतर सड़क सुविधाएं देना है।

मेयर ने कहा कि वार्ड नंबर 47 के विशाल नगर समेत इलाके की कई सड़कें पिछले 4 से 5 साल से नहीं बनी थीं। इस वजह से वहां के लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतें हो रही थीं। लोगों की दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए वार्ड नंबर 47 के विशाल नगर से प्रीमिक्स सड़क बनाने का काम शुरू किया गया है। शहर के हर वार्ड में बुनियादी सुविधाएं मजबूत करना नगर निगम की मुख्य प्राथमिकता है। सड़कों का रेनोवेशन सिर्फ ट्रैफिक को आसान बनाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इससे शहर की सुंदरता भी बढ़ेगी और लोगों को रोज की दिक्कतों से राहत मिलेगी। नगर निगम शहर की सड़कों को धीरे-धीरे बेहतर बना रहा है, ताकि किसी भी इलाके के लोगों को लंबे समय तक खराब सड़कों की समस्या से न जूझना पड़े।

मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने सड़क बनाने के काम की क्वालिटी पर खास जोर देते हुए कहा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रीमिक्स डालने के काम में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कंस्ट्रक्शन का काम तय क्वालिटी स्टैंडर्ड के हिसाब से किया जाए और सड़कें बनाते समय सभी टेक्निकल बातों का ध्यान रखा जाए।

उन्होंने साफ किया कि मैनहोल भी सड़कों के लेवल के हिसाब से ही लेवल किए जाएं, ताकि गाड़ी चलाने वालों और आम लोगों को आने-जाने में किसी तरह की दिक्कत न हो। सड़क तैयार होने के बाद मैनहोल ऊंचे या नीचे रहने से हादसे और परेशानी हो सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इन सभी बातों पर खास ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

मेयर ने कहा कि सड़कें लोगों की प्रॉपर्टी हैं और इनके बनाने पर खर्च होने वाला पैसा भी लोगों का ही है। इसलिए विकास के कामों में क्वालिटी पक्का करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। वे खुद कभी भी कंस्ट्रक्शन के कामों का सरप्राइज इंस्पेक्शन कर सकते हैं। जांच में अगर कोई कमी या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ डिपार्टमेंटल एक्शन लिया जाएगा।

शहर में चल रहे दूसरे बड़े डेवलपमेंट के कामों की जानकारी देते हुए मेयर मेहता ने बताया कि बठिंडा में करीब 36 km लंबी वाटर सप्लाई पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है, जिस पर करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत आएगी। 28 करोड़ रुपये की लागत से करीब 60 km लंबी सीवरेज पाइपलाइन बिछाने की योजना पर भी काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि इन दोनों प्रोजेक्ट्स का करीब 40 परसेंट काम पूरा हो चुका है और बाकी काम भी जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है। इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से शहर में पानी की सप्लाई और सीवरेज मैनेजमेंट को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

मेयर ने कहा कि पानी की सप्लाई और सीवरेज पाइपलाइन का काम पूरा करने के साथ-साथ सड़कों के रेनोवेशन में भी तेजी लाई जा रही है, ताकि शहर के लोगों को बेहतर बेसिक सुविधाएं मिल सकें। विकास के कामों की प्लानिंग इस तरह से की जा रही है कि बठिंडा में साफ-सफाई, रोड कनेक्टिविटी और नागरिक सुविधाओं को एक साथ मजबूत किया जा सके।

मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने कहा कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार में शहर के विकास में क्वालिटी, ट्रांसपेरेंसी और टाइम पर काम को प्राथमिकता दी जा रही है। उनकी कोशिश है कि विकास के कामों का फायदा बठिंडा के हर वार्ड तक पहुंचे और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें। उन्होंने भरोसा जताया कि चल रहे प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से शहर की इमेज में अच्छा बदलाव आएगा और बठिंडा को साफ, सुंदर और गड्ढों से मुक्त बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी।

📍 Location: Bathinda

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