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पिंगलवाड़ा के संस्थापक भगत पूरन सिंह जी की 34वीं पुण्यतिथि को समर्पित तीन दिवसीय कार्यक्रम संपन्न

अमृतसर: अमृतसर में 27 जुलाई से चल रहे श्री सहज पाठ का भोग श्री सुखमनी साहिब के पाठ के बाद रखा गया। इस मौके पर पिंगलवाड़ा संस्थान के बच्चों ने मधुर आवाज में गुरबानी कीर्तन करके संगत को खुश कर दिया। इसके बाद भगत पूरन सिंह गुरमत कॉलेज राजेलवाल (रोहनो) छोटान कलां के स्टूडेंट्स ने भी कीर्तन किया। इसके बाद श्री मंजी साहिब के कथा वाचक भाई जगदेव सिंह जी और ज्ञानी सुरजीत सिंह सबरा हेड ग्रंथी गुरुद्वारा शहीद साहिब ने भगत पूरन सिंह जी के जीवन पर विस्तार से रोशनी डाली। इसके बाद भाई जसबीर सिंह पंजाब एंड सिंध बैंक वाले के जत्थे ने गुरबानी कीर्तन करके संगत को खुश कर दिया। इसके बाद इस साल का “भगत पूरन सिंह मानव सेवा अवॉर्ड” श्री सुभाष शर्मा जी को दिया गया, जो अब तक 2300 बिछड़े हुए लोगों को उनके घर पहुंचा चुके हैं।

डॉ. इंदरजीत कौर जी ने कहा कि जिन लोगों ने अपना घर खो दिया है, उन्हें उनके घर पहुंचाने के लिए जो कोशिशें की जा रही हैं, वे पहले कभी नहीं हुई हैं और वे बहुत अच्छी सेवा कर रहे हैं। इस समय अवॉर्ड से सम्मानित श्री सुभाष शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि 26 राज्यों के लोगों को उनके घर पहुंचाया गया है। इसके बाद डॉ. इंदरजीत कौर जी की पंजाबी और हिंदी किताब “प्यार दियां टंडन” “स्ट्रिंग्स ऑफ लव” का इंग्लिश ट्रांसलेशन, जिसे अमेरिका की रहने वाली डॉ. जसप्रीत कौर ने किया है, का विमोचन किया गया। हिंदी भाषा की किताब “हेल्थ एजुकेशन ऊपर दी अनेक कड़ों की तरह निष्कर्ष जीवन शैली” का भी विमोचन किया गया। इसके बाद कर्नल जसजीत सिंह जी ने पर्यावरण और सरकारों की पर्यावरण के प्रति गंभीरता की कमी के बारे में बात की।

उन्होंने कहा कि हम सभी को पर्यावरण के प्रति खुद जागरूक होना होगा। इस मौके पर मशहूर कॉलमिस्ट श्री गुरचरण सिंह नूरपुर ने कहा कि भगत पूरन सिंह जैसी हस्तियां इस धरती पर बहुत कम पैदा होती हैं, उन्होंने पंडाल में बैठी संगत को याद दिलाया कि भगत पूरन सिंह जी की पर्यावरण को लेकर चिंताओं पर आज गंभीरता से सोचने की ज़रूरत है। कुलवंत सिंह अणखी, मंगल सिंह आदि हस्तियों ने भी संगत के साथ अपने विचार शेयर किए। आखिर में मुख्य सेविका डॉ. इंदरजीत कौर ने भगत पूरन सिंह जी की बरसी पर आने के लिए सभी का धन्यवाद किया।

उन्होंने कहा कि भगत पूरन सिंह जी की ऊंची सोच को अपनाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है, अगर दुनिया को गंभीर खतरों से बचाना है तो भगत जी की शिक्षाओं पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को जमीन के नीचे के पानी को गंदा करने वालों को सख्त से सख्त सज़ा देनी चाहिए।

इस समय पंजाब के कई जिलों और विदेशों से बड़ी संख्या में बसों से श्रद्धालु पिंगलवाड़ा संस्था में पहुंचे। श्री राजबीर सिंह जी ने इस प्रोग्राम का स्टेज अच्छे से चलाया। इस अवसर पर डॉ जगदीपक सिंह उपाध्यक्ष पिंगलवाड़ा, श्री मुख्तार सिंह गोराया मानद सचिव, श्री राजबीर सिंह जी सदस्य पिंगलवाड़ा, श्री हरजीत सिंह अरोड़ा सदस्य पिंगलवाड़ा, बीबी प्रीतिंदर कौर सदस्य पिंगलवाड़ा, डॉ निर्मल सिंह सदस्य पिंगलवाड़ा, श्री कुंवर विजय प्रताप, श्री गुरचरण सिंह नूरपुर, श्री अशोक सेठी, श्री योगेश सूरी मुख्य प्रशासक, श्री राजिंदर सिंह प्रशासक मानावाला, श्री जय सिंह सह-प्रशासक मानावाला, श्री तिलक राज महाप्रबंधक, श्री हरपाल सिंह संधू, श्री गुलशन रंजन, श्री गुरनैब सिंह, कर्नल दर्शन सिंह बावा, मेजर सिंह मसानी डॉ श्याम सुंदर दीप्ति, श्री स्वर्ण सिंह, भगवान सिंह जोहल, राणा पलविंदर सिंह, बीबी राजविंदर कौर बाजवा (सेवानिवृत) इंस्पेक्टर, श्री पवन शर्मा, एस दलविंदर सिंह, बाबा भूरी वाले के प्रतिनिधि, वार्ड, छात्रावास प्रभारी, स्कूलों के छात्र और शिक्षक और पंजाब नेशनल बैंक प्रबंधक श्री राज कुमार राय वगैरह मौजूद थे। इस मौके पर अलग-अलग डिपार्टमेंट की तरफ से पिंगलवाड़ा संस्थान की एक्टिविटीज को दिखाने वाली एग्जिबिशन भी लगाई गईं। गुरु का लंगर पूरे दिन बिना रुके चलता रहा।

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