संगरूर (पंजाब): पंजाब के वित्त मंत्री और ‘युद्ध नाशियान विरुद्ध’ कैबिनेट सब-कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज संगरूर जिला प्रशासन द्वारा सनराइज पैलेस में आयोजित ग्राम रक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता की।
कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भगवंत सिंह मान पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने नशा तस्करी रोकने के साथ-साथ पंजाब के पानी को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है और तस्करों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वे नशा तस्करी बंद कर दें, अन्यथा उन्हें राज्य छोड़ना पड़ेगा।
एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि उनकी सरकार ने ड्रग तस्करों के पैसे से बने मकानों को ध्वस्त करने के अलावा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा कि ‘युद्ध नाशियां विरुद्ध’ अभियान के तहत संगरूर जिले में एनडीपीएस के तहत 240 मामले दर्ज किए गए हैं और 332 गिरफ्तारियां की गई हैं तथा करीब 9.20 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है।
उन्होंने कहा कि वीडीसी और डब्ल्यूडीसी के सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखेंगे और नशे के किसी भी प्रकार के दुरूपयोग की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को देंगे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा वे नशे के आदी मरीजों को नशा मुक्ति केंद्रों से उपचार दिलाने में भी मदद करेंगे और उन्हें नशे की लत से बाहर निकलकर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रेरित करेंगे।
उन्होंने कहा कि अब पंजाब में सीमा पर ड्रोन से ड्रग्स लेने वाला कोई नहीं है क्योंकि ड्रग तस्कर अपने घरों पर ताले लगाकर दूसरे राज्यों में भाग चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने ड्रग तस्करों के करीब 60 घर पहले ही ढहा दिए हैं जो उन्होंने ड्रग के पैसे से बनाए थे।
कैबिनेट मंत्री गोयल ने कहा कि मान सरकार नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और अब केंद्र ने पंजाब के पानी को लूटकर पंजाब पर एक और युद्ध थोप दिया है। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी द्वारा हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने का फैसला पूरी तरह से अवैध है।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की गलत कार्रवाइयों के कारण पंजाब पहले ही भूजल स्तर के मामले में संकट में है और जब उनकी सरकार ने किसानों को सिंचाई के लिए नहरी पानी उपलब्ध कराने की पहल की है, तो भाजपा नीत केंद्र और हरियाणा सरकारें दिनदहाड़े नहरी पानी की लूट करना चाहती हैं।
इस अवसर पर सांसद मालविंदर सिंह कंग ने कहा कि सीएम भगवंत सिंह मान और आप के राष्ट्रीय संयोजक व्यक्तिगत रूप से ‘युद्ध नाशियां विरुद्ध’ अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं के खतरे का मुद्दा संसद में भी उठाया गया है और पंजाब के मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि ड्रोनों को पंजीकृत किया जाना चाहिए और इन ड्रोनों के माध्यम से नशीली दवाओं की तस्करी को रोकने के लिए सीमा पर उच्च तकनीक वाली तकनीक तैनात की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछली किसी भी सरकार ने नशा तस्करी को रोकने के लिए कोई पहल नहीं की, लेकिन मान सरकार राज्य से नशे के उन्मूलन के लिए ठोस कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा कि वीडीसी सदस्यों को यह प्रतिज्ञा लेनी चाहिए कि वे मादक पदार्थों की तस्करी रोकेंगे तथा मादक पदार्थों की लत से ग्रस्त मरीजों का पुनर्वास भी करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान एडीसी (जी) अमित बांबी और एसएसपी सरताज सिंह चहल ने नशे की समस्या को रोकने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने वीडीसी सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में नशे की समस्या को रोकने के लिए हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।
इस मौके पर चेयरमैन गुरमेल सिंह घराचों, चेयरमैन महिंदर सिंह सिद्धू, चेयरमैन अशोक कुमार सिंगला, चेयरमैन राजवंत सिंह घुल्ली, जोन कोऑर्डिनेटर जगदीप जग्गा, एडीसी (डी) सुखचैन सिंह पपरा, एसपी नवरीत सिंह विर्क, एसपी दिलप्रीत सिंह, एसडीएम चरणजोत सिंह वालिया, एसडीएम ऋषभ गर्ग, जसवीर सिंह जस्सी सेखों सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।

