पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि उनकी सरकार की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और ईमानदार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं को कड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के बाद ही सरकारी नौकरियां दी गई हैं और इसमें किसी भी तरह की सिफारिश या लेन-देन की कोई जगह नहीं है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार का शुरू से ही एक ही लक्ष्य रहा है, युवाओं को सरकारी नौकरी देकर उन्हें सशक्त बनाना। उन्होंने बताया कि योग्य उम्मीदवारों को पूरी तरह मेरिट के आधार पर नौकरियां दी गई हैं, जो सरकार के लिए गर्व और संतोष की बात है।
मेरिट ही एकमात्र मापदंड
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के अनुसार, सभी भर्तियों में योग्यता को प्राथमिकता दी गई। किसी भी तरह की सिफारिश को महत्व नहीं दिया गया। प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रखी गई। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हुआ है कि एक भी नियुक्ति को कोर्ट में चुनौती नहीं दी गई, जिससे यह साफ होता है कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी रही है।
नवनियुक्त युवाओं से सेवा भावना की अपील
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नए भर्ती हुए युवाओं से अपील की कि वे सरकार का अभिन्न हिस्सा बनकर काम करें और मिशनरी भावना के साथ लोगों की सेवा करें। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी सिर्फ पद नहीं, बल्कि जनसेवा की जिम्मेदारी है।
पुरानी व्यवस्थाओं पर सवाल
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछली सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि पहले नौकरियां पैसे और सिफारिश से मिलती थीं। योग्य युवाओं को मौका नहीं मिलता था। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने इस गलत परंपरा को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब कोई भी योग्य युवा बिना किसी सिफारिश के सरकारी नौकरी पा सकता है।
युवाओं के भविष्य पर फोकस
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने युवाओं के रोजगार को कभी गंभीरता से नहीं लिया और वे केवल अपने परिवारों और हितों तक सीमित रहीं। इसके विपरीत, मौजूदा सरकार राज्य के युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
पारदर्शी शासन की ओर मजबूत कदम
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार की यह नीति युवाओं में विश्वास पैदा कर रही है। सरकारी भर्तियों को निष्पक्ष बना रही है और पंजाब में ईमानदार प्रशासन की नींव मजबूत कर रही है।

