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भाई लालो जी का जन्मदिवस श्रद्धा से मनाया, गुरबाणी और ‘किरत करो’ का संदेश

Bhai Lalo Ji’s Birth Anniversary Celebrated : मोगा। कोटकपूरा बाईपास स्थित विश्वकर्मा भवन में भाई लालो जी वेलफेयर सोसायटी की ओर से भाई लालो जी का जन्मदिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। समागम में पूर्व जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब भाई रणजीत सिंह ने गुरमत विचार साझा करते हुए मेहनत, ईमानदारी और सादगी को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। इस दौरान गुरबाणी कीर्तन, सम्मान समारोह और गुरु का अटूट लंगर भी आयोजित किया गया।

समागम श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया में आयोजित किया गया। भाई लालो जी की याद में आरंभ करवाए गए सहज पाठ के भोग के उपरांत भाई हरप्रीत सिंह और भाई हिमत सिंह ने गुरबाणी का मनोहर कीर्तन किया। समागम में विशेष रूप से श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार सिंह साहिब भाई रणजीत सिंह शामिल हुए। उन्होंने गुरमत विचारों की सांझ डालते हुए आयोजकों को भाई लालो जी का जन्मदिवस मनाने पर बधाई दी।

उन्होंने कहा कि भाई लालो जी के जीवन से प्रेरणा लेकर प्रत्येक सिख को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी से प्रेम करना और गुरबाणी को अपने जीवन में अमल में लाना चाहिए। भाई रणजीत सिंह ने कहा कि भाई लालो जी की विचारधारा मेहनत, ईमानदारी और सादगी का संदेश देती है। उन्होंने सिख संगत से गुरधामों, गुरुद्वारों और सिख संस्थाओं की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जागरूक एवं एकजुट होकर आगे आने की अपील की।

उन्होंने कहा कि गुरु घरों से होने वाली आय का उपयोग शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए किया जाना चाहिए तथा सिख बच्चों को उच्च शिक्षा देकर प्रशासनिक क्षेत्र में आगे लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संगत राजनीतिक रूप से किसी भी पार्टी से जुड़ी हो सकती है, लेकिन गुरबाणी और गुरु साहिबान के आदेशों के अनुसार गुरु घरों की सेवा-संभाल की जिम्मेदारी सभी की है। उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनावों में अधिक से अधिक भागीदारी की अपील भी की।
मंच संचालन करते हुए गुरप्रीतम सिंह चीमा ने कहा कि भाई लालो जी का जन्मदिवस मनाने का उद्देश्य संगत तक ‘किरत करो’ के संदेश को पहुंचाना है। इस अवसर पर भाई रणजीत सिंह को सिरोपा और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हरदेव सिंह चाना, प्रीतम सिंह राजेआणा, मुकंद सिंह ठेकेदार, अमृतपाल सिंह डरोली, रेशम सिंह ठठीभाई सहित धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। समागम के दौरान गुरु का अटूट लंगर भी वितरित किया गया।

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