अमृतसर: शहीद भाई तारा सिंह वां जी की 300वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर श्री अकाल तख्त साहिब की अध्यक्षता में विशेष कार्यक्रमों की शुरुआत आज 9 मार्च से अमृतसर में हो गई। इस पावन अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से “गुरसिखा एक प्यार” संदेश के साथ एक भव्य खालसाई मार्च और नगर कीर्तन का आयोजन किया गया है।
नगर कीर्तन की शुरुआत आज श्री अकाल तख्त साहिब से हुई, जिसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन हजूरी और पंच प्यारों की अगुवाई शामिल रही। यह खालसाई मार्च तीन दिनों तक अमृतसर और आसपास के विभिन्न गांवों तथा शहरों से होकर गुजरेगा।
तीन दिन का भव्य नगर कीर्तन
पहले दिन, नगर कीर्तन अमृतसर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए गुरुद्वारा बीड़ बाबा बुड्ढा साहिब में रात्रि विश्राम करेगा। दूसरे दिन यात्रा विभिन्न गांवों से होकर गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह शहीद, पहूविंड में रुकेगी। अंतिम दिन, 11 मार्च को नगर कीर्तन दराजके, पहलवानके और माड़ी उधोके होते हुए वां गांव स्थित गुरुद्वारा शहीद भाई तारा सिंह जी में समापन करेगा।
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ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने बताया कि इस खालसाई मार्च का उद्देश्य विशेष रूप से सिख युवाओं को उनकी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से गुरु साहिब के संदेश को समाज तक पहुँचाने और संगत को अपनी विरासत के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने संगत से अपील की कि इस पवित्र नगर कीर्तन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और इसे सफल बनाएं।