मोगा: भारतीय किसान यूनियन कादियां की मासिक बैठक आज मोगा स्थित गुरुद्वारा बीबी कहांनकोर में जिला प्रधान निर्मल सिंह मानूंके की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक की कार्यवाही जिला महासचिव हरप्रीत सिंह दीदारेवाला ने संचालित की।
इस दौरान जिले के विभिन्न ब्लॉकों से किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में जिला संरक्षक गुलजार सिंह घल कलां, ब्लॉक प्रधान धर्मकोट नछत्तर सिंह, निहाल सिंह वाला के ब्लॉक प्रधान जसविंदर सिंह दीना साहिब, बाघापुराना के ब्लॉक प्रधान मेजर सिंह घोलिया, कोट ईसे खां के ब्लॉक प्रधान रमणदीप सिंह सहित जिला उपाध्यक्ष जुगलराज सिंह राजा दौलतपुरा, चरणप्रीत सिंह, मनप्रीत सिंह वरे, जसवीर सिंह मंदर और जसवीर सिंह चुगावां समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला महासचिव हरप्रीत सिंह ने पंजाब प्रधान हरमीत सिंह कादियां की अध्यक्षता में हुई बैठक के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंजाब की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर 1 सितंबर 2026 से चंडीगढ़ में मोर्चा शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में मोर्चे की तैयारियों, किसानों की लामबंदी और विभिन्न नेताओं की ड्यूटियां लगाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। किसान नेताओं ने मांग की कि पंजाब पुनर्गठन एक्ट-1966 की धाराओं 78, 79 और 80 को पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से रद्द करवाया जाए, ताकि रिपेरियन सिद्धांत के अनुसार पंजाब के नदी जल का नए सिरे से बंटवारा हो सके और राज्य के लोगों को पीने तथा कृषि के लिए पर्याप्त पानी मिल सके।
इसके अलावा किसान-मजदूरों के बैंक कर्ज माफ करने, पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति के तहत किसानों की उपजाऊ जमीन मुफ्त में लेने की नीति को रद्द करने, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में कृषि एवं डेयरी से संबंधित प्रावधानों को रद्द करने तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए अधिक फसलों को एमएसपी के दायरे में लाने और एमएसपी पर खरीद की कानूनी गारंटी देने की मांग भी उठाई गई।
जिला प्रधान निर्मल सिंह मानूंके और जिला संरक्षक गुलजार सिंह घल कलां ने किसानों से अपील की कि वे 1 सितंबर के चंडीगढ़ मोर्चे के लिए अभी से तैयारियां शुरू करें और अधिक से अधिक किसानों को लामबंद करें। उन्होंने किसानों से ट्रैक्टर-ट्रॉलियां व अन्य वाहन तैयार रखने तथा आवश्यक राशन की व्यवस्था करने का आह्वान किया।
वहीं, किसान नेता राजा दौलतपुरा ने एनपीके खाद तथा गुड़-शक्कर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि धान की कीमत में मामूली बढ़ोतरी की गई है, जबकि गुड़-शक्कर की कीमत में काफी वृद्धि कर दी गई है, जिससे किसानों और आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। बैठक में गुरप्रीत सिंह दौलतपुरा, जीत सिंह मंदर, अवतार सिंह दौलतपुरा, संतोख सिंह भागीके, रणजीत सिंह रणसींह कलां, प्रेम सिंह खालसा, लखा सिंह, निर्मल सिंह, गुलाब सिंह, बुध सिंह मानूंके, मोहिंदर सिंह, मनजीत सिंह और गुरमीत सिंह चुगावां सहित बड़ी संख्या में किसान नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

