जालंधर: शहर के भार्गव कैंप क्षेत्र में दो गुटों के बीच तनाव उस समय हिंसक झड़प में बदल गया, जब दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष पर ईंट-पत्थर फैंके गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया। हालात बिगड़ते देख स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झगड़े के दौरान दोनों ओर से जमकर गाली-गलौच और शोर-शराबा हुआ। कुछ युवकों द्वारा खुलेआम पत्थरबाजी किए जाने से आसपास के लोग सहम गए और बड़ी संख्या में घरों से बाहर निकल आए।
आरोप है कि इसी दौरान एक युवक ने खुद को पुलिस कमिश्नर कार्यालय से जुड़ा बताकर लोगों को धमकाने की कोशिश की, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। इस मामले में एक युवती ने राजू, भालू सहित 5-6 अन्य युवकों पर जान से मारने की नीयत से पत्थर फैंकने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यह विवाद नशा तस्करी से जुड़े आरोपों को लेकर शुरू हुआ, जो बाद में हिंसक रूप ले गया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि देर रात हुई इस घटना से इलाके की शांति भंग हुई और भय का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मोहन लाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के अनुसार, संदीप पाहवा की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है।
वहीं, दूसरे पक्ष ने सभी आरोपों को नकारते हुए खुद को निदरेष बताया है। उनका कहना है कि वे श्री राम कमेटी से जुड़े हैं और लंबे समय से धार्मिक सेवा में लगे हुए हैं। नशा तस्करी के आरोपों को उन्होंने पूरी तरह निराधार बताया और कहा कि यदि किसी के पास उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत है तो वह सामने लाया जाए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि क्षेत्र में दोबारा शांति बहाल की जा सके।