अमृतसर : ‘तन्खाईया’ घोषित हाेने के बाद आज सुखबीर सिंह बादल श्री अकाल तख्त साहिब से पहुंचे हैं। सुखबीर सिंह बादल के साथ दलजीत सिंह चीमा, शरणजीत सिंह ढिल्लों और गुलजार सिंह रणीके सहित कई लीडर पहुंचे हैं। सुखबीर सिंह बादल काे स्पष्टीकरण देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था।
सुखबीर सिंह बादल पर लगे आरोपों पर चर्चा करने के बाद उन्हें तनखैया घोषित किया गया था। इस फैसले की जानकारी श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने दी। अकाल तख्त साहिब पर सुनाए गए फैसले में जत्थेदार ने कहा था कि जब तक सुखबीर बादल पूर्व अकाली सरकार के दौरान साल 2007 से 2017 तक हुई गलतियों और गुनाहों के लिए अकाल तख्त साहिब पर निमाने सिख की तरह पेश होकर सिख पंथ से सार्वजनिक तौर से माफी नहीं मांगते तब तक वह ‘तनखैया’ घोषित रहेंगे।
बता दें, सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ आरोपों में 2007 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ गुरु गोबिंद सिंह की नकल करने के लिए ईशनिंदा का मामला रद्द करना, बरगाड़ी बेअदबी के दोषियों और कोटकपूरा तथा बहबल कलां गोलीबारी की घटनाओं के लिए पुलिस अधिकारियों को दंडित करने में विफल रहना, विवादास्पद आईपीएस अधिकारी सुमेध सिंह सैनी को पंजाब का डीजीपी नियुक्त करने के अलावा विवादास्पद पुलिस अधिकारी इजहार आलम की पत्नी फरजाना आलम को 2012 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की टिकट देना और उन्हें मुख्य संसदीय सचिव नियुक्त करना तथा अंत में फर्जी मुठभेड़ मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने में विफल रहना शामिल है।

