Bikram Majithia Case: चंडीगढ़: ड्रग्स से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच में एक नया मोड़ सामने आया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने वरिष्ठ अकाली दल नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से जुड़ी जांच में पंजाब सतर्कता ब्यूरो (वीबी) के साथ संयुक्त पूछताछ की अनुमति मांगी है। एनसीबी का यह कदम संभावित ड्रग नेटवर्क को बेनकाब करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
-एनसीबी ने लिखा पत्र
एनसीबी द्वारा विजिलेंस ब्यूरो को भेजे गए पत्र में लिखा गया है कि मजीठिया को 25 जून को ड्रग्स से कमाई गई काली कमाई के कथित शोधन के मामले में गिरफ्तार किया गया था। एनसीबी का कहना है कि यह मामला केवल राज्य स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के तार जुड़े हो सकते हैं।
पत्र में एनसीबी ने कहा है, “जांच की निष्पक्षता और व्यापकता सुनिश्चित करने के लिए हम संयुक्त पूछताछ करना चाहते हैं। साथ ही, एफआईआर की प्रति, जब्त किया गया डिजिटल डेटा और अन्य प्रासंगिक दस्तावेज हमारे साथ साझा किए जाएं, जिससे मामले की तह तक पहुंचने में आसानी हो।”
-ड्रग सिंडिकेट का हो सकता है खुलासा
एनसीबी ने इस संयुक्त प्रयास को बड़े ड्रग सिंडिकेट की पहचान करने और जांच को कानूनी दृष्टिकोण से ठोस आधार देने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया है। इससे न केवल आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होगी, बल्कि मादक पदार्थों के अवैध व्यापार के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी जाएगा।
विजिलेंस ब्यूरो की ओर से इस पत्र पर अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, वे कानूनी प्रक्रिया के तहत एनसीबी के अनुरोध पर विचार कर रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दोनों एजेंसियां मिलकर इस संवेदनशील और चर्चित मामले की गहराई में जाकर उन नेटवर्क्स को उजागर कर पाती हैं, जो पंजाब सहित पूरे उत्तर भारत में नशे के जाल को फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं।