
चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से जुड़े मामले में आज एक बार फिर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। इस सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि संभावना जताई जा रही है कि पंजाब सरकार की ओर से अदालत में विस्तृत जवाब दाखिल किया जा सकता है।
गिरफ्तारी की तलवार बरकरार
बिक्रम मजीठिया के खिलाफ मजीठा थाना क्षेत्र में दर्ज मामले को लेकर कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। पुलिस का आरोप है कि एक मामले की जांच के दौरान आरोपी को हिरासत से छुड़ाने और थाने में कथित हंगामे के बाद उनके खिलाफ नया केस दर्ज किया गया था।
क्या है पूरा विवाद?
सूत्रों के अनुसार, विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब पुलिस ने निकाय चुनाव से जुड़े एक मामले में शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ता जोबनप्रीत सिंह को हिरासत में लिया था। इसके बाद 31 मई को बिक्रम मजीठिया अपने समर्थकों के साथ मजीठा थाना पहुंचे।
पुलिस का आरोप है कि इस दौरान भीड़ ने थाने में प्रवेश कर हंगामा किया और पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की। इसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया और मजीठिया के खिलाफ नया केस दर्ज किया गया।
ये भी पढ़ें…
कानूनी लड़ाई हाईकोर्ट तक पहुंची
जानकारी के अनुसार, मजीठिया की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी। अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद सरकार और पुलिस प्रशासन को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। पिछली सुनवाइयों में सरकार ने अतिरिक्त समय की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था। अब मामले में आज की सुनवाई को बेहद अहम माना जा रहा है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...