चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आज अकाली दल वारिस पंजाब दे पार्टी और सांसद अमृतपाल सिंह से जुड़े व्हाट्सएप ग्रुप के सभी सदस्यों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की, जो केंद्रीय गृह मंत्री सहित उच्च प्रोफ़ाइल राजनेताओं की हत्या की योजना बना रहे थे।
अकाली नेता ने सांसद अमृतपाल सिंह की ऑडियो क्लिप जारी करके उनका पर्दाफाश किया था, जिसमें सांसद ने डकैतियों में शामिल होने के अलावा गैंगस्टरों के साथ अपने संबंधों को भी स्वीकार किया था। उन्होंने पूरे मामले की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने की मांग की।
उन्होंने घोषणा की कि वे अपने पास मौजूद सभी साक्ष्य केंद्र को भेज देंगे, क्योंकि पंजाब पुलिस राजनीतिक हो गई है और अमृतपाल तथा उसके गिरोह की जांच के लिए उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान इतने महत्वपूर्ण मामले पर चुप क्यों हैं। उन्होंने पूछा, ‘‘क्या पंजाब पुलिस, जिसके पास सारे सबूत हैं, और मुख्यमंत्री किसी व्यक्ति के मरने का इंतजार कर रहे हैं?’’
बिक्रम मजीठिया ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ऑडियो टेप जारी करके सनसनी फैला दी, जिसमें अमृतपाल ने खूंखार गैंगस्टर जयपाल भुल्लर के साथ अपने सीधे संबंधों के बारे में बात की और यहां तक कि यह भी बताया कि भुल्लर द्वारा की गई करोड़ों रुपये की डकैती में उसकी भी हिस्सेदारी थी।
ऑडियो क्लिप में अमृतपाल को यह दावा करते हुए सुना जा सकता है कि उसे यह भी पता था कि भुल्लर द्वारा लूटा गया सोना कहां रखा गया है।
सांसद ने एक अन्य बातचीत में यह भी स्वीकार किया कि वह जानते हैं कि उनका भाई हरप्रीत नशे का आदी है, इसके अलावा उन्होंने बेपरवाही से यह भी कहा कि वह कैसे नकदी के लिए कार लूट सकता है, इसके अलावा उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दिल्ली में उनके दो फ्लैट हैं और उन्हें यह भी पता है कि भुल्लर द्वारा लूटे गए 22 करोड़ रुपये कहां सुरक्षित रखे गए हैं।
यह कहते हुए कि अमृतपाल एक ‘ढोंगी’ हैं न कि ‘प्रचारक’, श्री मजीठिया ने यह भी कहा कि अमृतपाल और उनके परिवार ने हमेशा कांग्रेस पार्टी का समर्थन किया था और यहां तक कि 2019 में पंथिक उम्मीदवार बीबी परमजीत कौर खालरा के खिलाफ वोट भी दिया था।
उन्होंने यह भी दावा किया कि गैंगस्टर अर्श दल्ला, हैप्पी पासिया और हरविंदर रिंदा के अलावा अन्य लोग अमृतपाल के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए थे और अमृतपाल डिब्रूगढ़ जेल में फोन का इस्तेमाल कर रहा था।
अकाली नेता ने अकाली दल वारिस पंजाब दे टीम मोगा पेज पर व्हाट्सएप पर हुई बातचीत का ब्यौरा भी जारी किया, जिसमें टीम के सदस्यों ने कहा कि वे शहीद होने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी पूछा कि यदि वे रवनीत बिट्टू, बिक्रम सिंह मजीठिया और अमित शाह जैसे नेताओं की राजनीतिक हत्याओं में शामिल होते हैं तो क्या उनके परिवारों की देखभाल की जाएगी।
उन्होंने एक ऑडियो क्लिप भी जारी की जिसमें एक महिला समूह के सदस्यों को आत्मघाती हमलावर बनने के लिए उकसा रही है। मजीठिया ने कहा कि उन्होंने सिद्धांतों के आधार पर अमृतपाल का विरोध किया था, खासकर तब जब उसने अपने एक समर्थक को छुड़ाने के लिए अजनाला पुलिस स्टेशन पर हमला करने के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया था।
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