Birthday celebrated with a havan instead of a cake : अमृतसर। दुर्गियाना तीर्थ स्थित बड़ा हनुमान मंदिर में कुछ युवा जन्मदिन को पारंपरिक तरीके से मनाने की नई पहल कर रहे हैं। मंदिर में केक लाने पर रोक होने के कारण जन्मदिन पर हवन-यज्ञ और पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद लिया जा रहा है। मंदिर समिति का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना है।
सनातन परंपरा की ओर बढ़ते कदम
हिंदू धर्म में सदियों से यह परंपरा चली आ रही है कि किसी भी शुभ कार्य के समय हवन किया जाता है। आज की युवा पीढ़ी भी इसी परंपरा को अपना रही है। बड़ा हनुमान मंदिर में हो रहे हवन के बारे में जानने के लिए हमने वहां के प्रबंधकों से बात की। उन्होंने बताया कि आज किसी का जन्मदिन था और वह भगवान के चरणों में अपना जन्मदिन मनाना चाहता था। चूंकि मंदिर में केक लाना मना है, इसलिए उन्हें हवन करवाने का सुझाव दिया गया, जिसे उन्होंने मान लिया और आज उनके जन्मदिन पर हवन किया गया। यह रीति-रिवाज और हमारी संस्कृति पश्चिमी सभ्यता की नकल नहीं है, बल्कि लोग इसे अपना रहे हैं।
खुशियां मनाएं, संस्कृति अपनाएं
मंदिर के चेयरमैन डॉ. राकेश शर्मा ने कहा कि अगर हम अपने जन्मदिन या किसी अन्य शुभ दिन पर मंदिर में हवन-यज्ञ या पूजा करते हैं, तो हमें उसका फल जरूर मिलता है। मंदिर समिति ने फैसला किया है कि किसी भी त्योहार या मौके पर मंदिर में केक नहीं लाया जाएगा। हम सभी से कहना चाहते हैं कि अगर वे अपनी खुशियां बांटना चाहते हैं, तो मंदिर आएं और यहां पूजा-अर्चना व हवन-यज्ञ करें। इससे हम सदियों से चली आ रही अपनी सभ्यता और संस्कृति से जुड़े रहते हैं।