
जालंधर: निजी होटल में विश्व मानक दिवस (World Standards Day) पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने हितधारकों का सम्मेलन किया गया। इसमें जहां बीआईएस के डायरेक्टर जीवननंदनम डी और ज्वाइंट डायरेक्टर अविनाश बाबू के साथ इंडस्ट्री के कारोबारियों ने प्रोग्राम में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप जलाकर और सरस्वती वंदना के गायन से हुई और प्रदेश के विकास कार्यों का जिक्र किया गया। इस दौरान BIS से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और कार्यक्रम में सहयोग करने वाले कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। सम्मेलन में भारतीय मानकों के पालन, उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
इस दौरान फोकल प्वाइंट इंडस्ट्री के प्रधान नरिंदर सग्गू ने बताया कि आज World Standards Day मनाया गया। उन्होंने कहा कि आजकल 90 प्रतिशत लोग बाहर से खाते-पीते है। ऐसे में इनका एक स्टैंडर्ड होना चाहिए, चाहे वह खाने-पीने की वस्तु हो या फिर कोई मैन्युफैक्चरिंग पार्ट्स हो। BIS ने स्टैंडर्ड को लेकर दो अच्छी चीजें बताई, जिसमें एक चीज कही कि इसे बोझ नहीं अपनी ताकत समझने की अपील की। दूसरी बात कही कि आपकी ताकत ही आपका फ्यूचर है। पहले एक पीढ़ी काम करती थी और दूसरी पीढ़ी खाती थी। उन्होंने कहा कि आईएसआई, बीएसआई, आईएसओ को अपनाकर अपना यूनिट चलाते है तो वह अमर हो जाती है और फेल होने के चांस कम हो जाते है। ऐसे में जिन कारोबारियों को इसके बारे में नहीं पता, आज उन्हीं युवा कारोबारियों को सम्मेलन में बुलाया गया। उन्होंने कहाकि अगर सिस्टम के साथ चले तो यह काफी अच्छी चीज है।
ज्वाइंट सैकेटरी विशाल गौतम ने कहा कि स्टैंडर्ड की महत्वत्ता लगातार बढ़ती जा रही है। लोग अब बीएसआई मार्का की स्टैंडर्ड चीजें ज्यादा पसंद करते है। उन्होंने कहा कि बीएसआई भी अब लोगों को जागरूक करने की कोशिशें कर रहा है और कारोबारियों से इसे और ज्यादा बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहा है। इसी को लेकर आज सम्मेलन रखा गया है। ऐसे में जब सारी स्टैंडर्ड की चीजें बनने शुरू हो जाएंगी तो हम जल्द सभी चीजों को विदेशों में इपोर्ट कर सकते है। उन्होंने कहा कि कास्ट आयरन के साथ लगभग सभी इंडस्ट्री को बीएसआई के साथ जोड़ा गया। ऐसे में अगर कोई कारोबारी बीएसआई से वचिंत है तो उसे भी बीएसआई में शामिल किया जा रहा है। इसी के साथ छोटी इंडस्ट्री को लेकर कहा कि वह उनके साथ-साथ सरकार से भी तालमेल कर रहे है। छोटी इंडस्ट्री के लिए कुछ चैलेंज है और इसी को लेकर बातचीत की जा रही है।