जालंधर: भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), जम्मू एवं कश्मीर शाखा कार्यालय तथा उत्पादन एवं सामान्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा डॉ. बी.आर. आंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), जालंधर के औद्योगिक एवं उत्पादन अभियांत्रिकी विभाग* के सहयोग से *“मानक मंथन एवं राष्ट्रीय हस्त औजार (हैंड टूल्स) संगोष्ठी” का सफल आयोजन किया गया।
संगोष्ठी का उद्घाटन प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया, निदेशक, डॉ. बी.आर. आंबेडकर एनआईटी जालंधर; डॉ. रमन बेदी, डीन (शैक्षणिक कार्य), एनआईटी जालंधर; श्री गुलशन कुमार, निदेशक/वैज्ञानिक-ई, बीआईएस; श्री संजीव कटोच, अध्यक्ष, पीजीडी 34 (हैंड टूल्स सेक्शनल कमेटी), बीआईएस; श्री राकेश शर्मा, विभागाध्यक्ष, औद्योगिक एवं उत्पादन अभियांत्रिकी विभाग, एनआईटी जालंधर; तथा डॉ. नरेंद्र कुमार, सहायक प्राध्यापक, औद्योगिक एवं उत्पादन अभियांत्रिकी विभाग, एनआईटी जालंधर* सहित भारतीय मानक ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए श्री वी. अविनाश बाबू, संयुक्त निदेशक/वैज्ञानिक-डी, बीआईएस जम्मू एवं कश्मीर शाखा कार्यालय ने गुणवत्ता, सुरक्षा तथा उपभोक्ता विश्वास सुनिश्चित करने में मानकीकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने भारतीय हस्त औजार उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा आत्मनिर्भर भारत के विजन को सशक्त बनाने में भारतीय मानकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।
तकनीकी सत्र में श्री बिकाश कुमार, सहायक प्राध्यापक, एनआईटी जालंधर ने हस्त औजारों के लिए *उन्नत ताप उपचार (हीट ट्रीटमेंट) प्रौद्योगिकियों, भारतीय मानकों तथा हस्त औजार उत्पादों के परीक्षण पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसके अतिरिक्त गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ), बीआईएस अनुरूपता मूल्यांकन योजनाएँ, प्रमाणन प्रक्रिया तथा अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं पर एक विशेष तकनीकी सत्र श्री कुंदन गिरि, संयुक्त निदेशक/वैज्ञानिक-डी, बीआईएस तथा श्री निखिल एन. चंद्राटे, उप निदेशक/वैज्ञानिक-सी, बीआईएस द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने भारतीय मानकों के अनुपालन के महत्व तथा निर्माताओं के लिए बीआईएस प्रमाणन के लाभों पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में श्री बी.जे. गौथन, संयुक्त निदेशक/वैज्ञानिक-डी, सीएमडी, बीआईएस की सहभागिता के साथ उद्योग एवं शिक्षाविदों के प्रतिनिधियों के बीच एक इंटरैक्टिव पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने हस्त औजार क्षेत्र की चुनौतियों और अवसरों पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम का समापन समापन सत्र, धन्यवाद ज्ञापन तथा हितधारकों के बीच नेटवर्किंग के साथ हुआ।
इस संगोष्ठी में हस्त औजार उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों, परीक्षण प्रयोगशालाओं तथा बीआईएस अधिकारियों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उद्योग संघों द्वारा क्यूसीओ के अंतर्गत भारतीय मानकों के कार्यान्वयन से संबंधित विभिन्न सुझाव एवं मुद्दे भी प्रस्तुत किए गए। यह कार्यक्रम भारतीय मानकों, गुणवत्ता आश्वासन, उत्पाद प्रमाणन तथा नियामकीय अनुपालन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक प्रभावी मंच सिद्ध हुआ और मानकीकरण, सुरक्षा एवं उपभोक्ता संरक्षण के माध्यम से “गुणवत्ता भारत” के निर्माण के प्रति बीआईएस की प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया।

