BJP Remembers Deendayal Upadhyaya : मोगा। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुरानी दाना मंडी स्थित पार्टी कार्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. सीमांत गर्ग के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में उनके विचारों और सार्वजनिक जीवन में योगदान को याद किया गया।
एक गम्भीर दार्शनिक एवं गहन चिंतक होने के साथ-साथ वह एक ऐसे समर्पित संगठनकर्ता और नेता थे जिन्होंने सार्वजनिक जीवन में व्यक्तिगत शुचिता एवं गरिमा के उच्चतम आयाम स्थापित किए। उनका प्रमुख राजनीतिक व आर्थिक सिद्धांत था कि समाज, प्रगति और मनुष्य के बीच संतुलन व विकास होना जरूरी है। वह कहते थे कि अर्थ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े सबसे गरीब और वंचित व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचता चाहिए।
उक्त विचार भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डा.सीमांत गर्ग के नेतृत्व में आज पुरानी दाना मंडी स्थित भाजपा दफ्तर में उनकी 110 वीं पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करने के अवसर पर प्रकट किए। इस अवसर पर पूर्व मंडल अध्यक्ष अमित गुप्ता, शशिकांत पांडे, प्रवासी सैल के इंचार्ज विजय मिश्रा, मन की बात के प्रभारी कमल घारू, पूर्व आई.टी.सैल इंचार्ज मुकेश कुमार शर्मा, सोनी मंगला, भूपिंदर हैप्पी, जतिंदर चड्ढा, तरसेम कुमार जंड, पवन गर्ग, वरिंदर कुमार, संदीप मंगला, तरसेम लाल, सूरज अग्रवाल, मुकेश कुमार, राजीव, चमन लाल खुराना, ओंकात सिंह के अलावा भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित थे।
डा.सीमांत गर्ग ने कहा कि पंडित दीन दयाल अपने एक मित्र श्री बलवंत महाशब्दे की प्रेरणा से सन 1937 में वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सम्मिलित हो गए तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में पूर्णकालिक रूप से समर्पित हो गए और संगठक के रूप में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में आ गए। सन 1955 में वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर प्रदेश के प्रांतीय संगठक (प्रान्त प्रचारक) बन गए। उन्होंने कहा कि वर्ष 1950 में डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया और देश में एक वैकल्पिक राजनीतिक मंच के सृजन के लिए गोलवलकर के आदर्शवादी और देशभक्त नौजवानों को उपलब्ध कराने के लिए सहायता मांगी।

