BJP Seeks CBI Probe into Gulzar and Bikramjit Cases : मोगा। परमिंदर सिंह झोटा मामले में सीबीआई जांच शुरू होने के दावे के बीच भाजपा ने पंजाब के दो अन्य मामलों की भी केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच करवाने की मांग उठाई है।
भाजपा के जिला अध्यक्ष डॉ. हरजोत कमल ने संगरूर के गुलजार सिंह और बटाला के बिक्रमजीत सिंह के मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने पर पार्टी अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने पंजाब सरकार की नशा विरोधी मुहिम पर सवाल उठाते हुए नशा तस्करों, नेताओं और पुलिस के कथित गठजोड़ की व्यापक जांच की मांग भी की। मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए उन्होंने सरकार से नशे के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की अपील की। हालांकि, कथित गठजोड़ और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नशा तस्करी के नेटवर्क की व्यापक जांच की मांग भाजपा जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में नशा तस्करों, सत्ताधारी नेताओं और पुलिस के बीच गठजोड़ चल रहा है। उन्होंने इस पूरे नेटवर्क की व्यापक जांच करवाने की मांग करते हुए कहा कि यदि आम आदमी पार्टी की सरकार की नशे के कारोबार में कोई भूमिका नहीं है तो उसे निष्पक्ष जांच से पीछे नहीं हटना चाहिए। हालांकि, ये आरोप भाजपा नेता ने लगाए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। नशा खत्म करने की समय-सीमाओं पर सरकार को घेरा डॉ. हरजोत कमल ने पंजाब सरकार की नशा विरोधी मुहिम पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने नशा खत्म करने के लिए तीन महीने की छह अलग-अलग समय-सीमाएं घोषित कीं, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए। उन्होंने कहा कि अब लोगों का सरकार से भरोसा उठता जा रहा है।
अमित शाह के पीड़ित परिवारों से मिलने का किया जिक्र भाजपा नेता ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को मानसा, संगरूर और गुरदासपुर में पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका दुख साझा किया। उनके अनुसार, पहले नशे का मुद्दा राजनीतिक बयानों तक सीमित था, लेकिन अब पीड़ित परिवारों से मुलाकात के माध्यम से इसे मानवीय दृष्टिकोण से भी उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए नशे का मुद्दा केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंजाब के भविष्य और युवाओं को बचाने से जुड़ा विषय है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी साधा निशाना डॉ. हरजोत कमल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ बयान देने तथा दिन में कई प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से झूठ सच नहीं बन जाता। उन्होंने राज्य सरकार से नशे के मामलों में ठोस कार्रवाई करने और सभी संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की।

