पटियाला: भारतीय जनता पार्टी की पंजाब इकाई के नए अध्यक्ष बनने के बाद केवल सिंह ढिल्लों द्वारा घोषित प्रदेश पदाधिकारियों की सूची को लेकर जहां सूची जारी होने के बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों में विरोध के स्वर सुनाई दे रहे हैं, वहीं पटियाला में भी पुराने और टकसाली भाजपा नेताओं ने बगावत शुरु कर दी है। नेताओं का कहना है कि सूची को देखकर ऐसा प्रतीत होता कि यह भारतीय जनता पार्टी की सूची नहीं है बल्कि
इसमें कांग्रेस के नेताओं को प्राथमिकता दी गई है।
पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व चेयरमैन तथा अमर शहीद शंभू प्रसाद के पुत्र भूपेश अग्रवाल, अनिल बजाज, नीरज कौड़ा, राकेश मंगला, वरिंदर बत्तरा के साथ पुराने वरिष्ठ भाजपाइयों ने अरना बरना चौक स्थित भाजपा आफिस के बाहर धरना प्रदर्शन किया और नई नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जारी की गई सूची को देखकर साफ हो गया है कि जिन कार्यकर्त्ताओं और परिवारों ने जनसंघ के समय से लेकर भाजपा के निर्माण और विस्तार तक पार्टी के लिए दशकों काम किया, उन्हें पूरी तरह नजर अंदाज किया जा रहा है।
सूची एकतरफा महल के हिमायतों की जारी की गई है जबकि उनका पिछोकड़ भाजपा या आरएसएस के बजाय कांग्रेस से संबंधित रहा है। नेताओं का कहना है कि जिन नेताओं को प्रमोट किया जा रहा है वह हाल ही में कांग्रेस या अन्य राजनीतिक दलों को छोड़कर भाजपा में आए हैं। पटियाला जिले से केवल दो प्रमुख नियुक्तियां की गई हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पुत्री जय इंदर कौर को भाजपा महिला मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अनुज खोसला को भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
दोनों ही नियुक्तियों में लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे कार्यकर्त्ताओं का सम्मान नहीं किया गया है। पटियाला में वह पिछले 40 वर्षों से भाजपा और उससे पहले जनसंघ की विचारधारा से जुड़े हुए हैं और संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार मेहनत की, लेकिन आज उन्हीं लोगों को दरकिनार किया जा रहा है।

