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फायरिंग की घटनाओं पर सरकार को घेरा

BJP Targets Mann Government Over Moga Firing : मोगा। घनी आबादी वाले अंगदपुरा इलाके में सरेशाम हुई ताबड़तोड़ फायरिंग को लेकर भाजपा के जिला अध्यक्ष डॉ. हरजोत कमल ने पंजाब सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए उन्होंने सरकार से ऐसी वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उनके अनुसार, प्रदेश में ऐसी घटनाएं सरकार के कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। डॉ. हरजोत कमल ने कहा कि हैरानी की बात है कि शाम करीब 7 बजे, जब शहर की सड़कों और बाजारों में लोगों की आवाजाही रहती है, उस समय काले रंग की स्कॉर्पियो में सवार होकर आए कुछ लोग भीड़भाड़ वाले इलाके में ताबड़तोड़ फायरिंग कर मौके से निकल जाते हैं। इस तरह की घटना आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि शहर के घनी आबादी वाले इलाके में अपराधी इस तरह खुलेआम गोलीबारी कर सकते हैं, तो आम लोग खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेंगे? हालांकि, डॉ. हरजोत कमल ने घटना के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई अपनी जगह महत्वपूर्ण है, लेकिन ऐसी वारदातों को रोकने के लिए प्रभावी कानून-व्यवस्था और अपराधियों में कानून का भय होना भी जरूरी है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि पंजाब में गोलीबारी की घटनाएं कोई पहली घटना नहीं हैं। कुछ दिन पहले धर्मकोट के जलालाबाद क्षेत्र में भी फायरिंग की वारदात सामने आई थी, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी।

इसके अलावा, प्रदेश के अन्य जिलों से भी इस तरह की घटनाओं की खबरें सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही ऐसी वारदातों को गंभीरता से लेने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। डॉ. हरजोत कमल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जब सरेआम गोलीबारी जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो सरकार की कानून-व्यवस्था संबंधी नीतियों और उनके क्रियान्वयन पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रही है और मौजूदा हालात में मुख्यमंत्री भगवंत मान को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रदेश में अपराध पर अंकुश लगाने, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

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