मोगा: पंजाब की लंबित मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन कादियां ने केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। यूनियन की ओर से 1 सितंबर 2026 से चंडीगढ़ में पक्का मोर्चा शुरू करने का फैसला लिया गया है।
इस संबंध में आज मोगा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यूनियन के जिला प्रधान निर्मल सिंह माणूंके, जिला संरक्षक गुलजार सिंह घल कलां और जिला महासचिव हरप्रीत सिंह दीदारे वाला ने जानकारी दी।किसान नेताओं ने बताया कि बीते दिन लुधियाना में पंजाब प्रधान हरमीत सिंह कादियां की अध्यक्षता में यूनियन की अहम बैठक हुई। बैठक में पंजाब टीम पदाधिकारियों के साथ सभी जिलों के प्रधानों ने हिस्सा लिया।
बैठक में पंजाब की लंबे समय से अनदेखी की जा रही जायज मांगों को लेकर 1 सितंबर से चंडीगढ़ में मोर्चा शुरू करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि नहरी पानी के मुद्दे को लेकर पंजाब पुनर्गठन एक्ट-1966 की धाराओं 78, 79 और 80 को पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से रद्द करवाने की मांग की जाएगी। यूनियन का कहना है कि रिपेरियन सिद्धांत के अनुसार नहरी पानी का नए सिरे से बंटवारा होना चाहिए, ताकि पंजाब के लोगों को पीने और कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त पानी मिल सके।
इसके अलावा किसानों और मजदूरों के बैंक कर्ज माफ करवाने, पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति के तहत किसानों की उपजाऊ जमीन लिए जाने का विरोध करने तथा इस नीति को रद्द करवाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी। किसान नेताओं ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में कृषि और डेयरी से जुड़े मुद्दों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही पंजाब की लगातार खराब हो रही जमीन को बचाने के लिए फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, अन्य फसलों को एमएसपी के दायरे में शामिल करने तथा एमएसपी पर खरीद की कानूनी गारंटी देने की मांग भी आंदोलन का हिस्सा होगी।
किसानों से चंडीगढ़ कूच की तैयारी शुरू करने की अपील जिला प्रधान निर्मल सिंह माणूंके और जिला संरक्षक गुलजार सिंह घल कलां ने किसानों से 1 सितंबर को चंडीगढ़ कूच के लिए अभी से लामबंदी शुरू करने की अपील की। उन्होंने किसानों से ट्रैक्टर-ट्रॉलियां तैयार रखने और आंदोलन के लिए आवश्यक राशन आदि की व्यवस्था पहले से करने का आह्वान किया। किसान नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखा जाएगा।
📍 Location: मोगा

