जालंधर। राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) ग्रुप मुख्यालय जालंधर के तत्वाधान में छ: एनसीसी बटालियनों के विभिन्न 250 शिक्षण संस्थानों ने सिविल डिफेन्स मॉक ड्रिल का अभ्यास किया। बिग्रेडियर अजय तिवारी सेना मेडल ग्रुप कमांडर ने बुधवार को बताया होशियारपुर, कपूरथला, फगवाड़ा और जालन्धर की तीन बटालियनों के कालेजों और स्कूलों में आठ हजार एनसीसी कैडेटों और छात्र/ छात्रओं ने सिविल डिफेन्स मॉक ड्रिल का अभ्यास कराया गया। सेना के प्रशिक्षकों और शिक्षकों ने शिक्षण संस्थानों में लेक्चर, डेमो और युद्र के समय हवाई हमले से बचने के तरीके कैडेटों और छात्रों को सिखाये।
जालंधर में ब्लैक आउट आठ बजे से रात नौ बजे तक किया जाएगा
ब्रिगेडियर तिवारी से बताया कि क्लास या घर अन्दर, बाजार, खेल के मैदान और खुले मैदान में सिविल डिफेन्स के विभिन्न तरीके सिखाये गये। नागरिकों के घायल होने पर फर्स्ट एंड और और घायलों की निकासी के तरीके भी सिखाये गये हैं। कैडेटों और छात्रों को ब्लेक आऊट में कार्रवाई भी सिखाई गयी। एक घंटे का ब्लैक आउट कल रात्रि जालन्धर कैंट में कराया जो आज भी रात आठ बजे से रात नौ बजे तक जालन्धर और अन्य जिलों में कराया जायेगा। आग के प्रकार और आग बुझाने के तरीके कैडेटों और छात्रों को सिखाये गये।
सरकारी चैनलों और एजेन्सियों द्वारा दी गई जानकारी पर भरोसा करें
ब्रिगेडियेर अजय ने बताया कि राष्ट्र के 300 जिलों में सिविल डिफेन्स माँक ड्रिल का अभ्यास कराया गया है और सभी नागरिकों को हवाई हमले और न्यूक्लियर बायोलोजिकल और केमिकल वारफेयर में बचाव के तरीके कैडेटों और छात्रों को सिखाये गये। ग्रुप कमांडर ने सोशल मीडिया में नेगटिव खबरों और विडियो से बचने के बारे में बताया। केवल सरकारी चैनलों और एजेन्सियों से दी गई जानकारी और सूचनाओं पर ही भरोसा करना हैं। कैडेटों और छात्रों को युद्धाभ्यास और सिविल डिफेन्स की जानकारी बहुत महत्वपूर्ण हैं और कई कैडेट जीवन में पहली बार सीख रहे हैं।

