चंडीगढ़: सेक्टर-37 स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश कार्यालय के बाहर बीती शाम हुए धमाके ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। घटना को लेकर सोशल मीडिया पर एक खालिस्तानी आतंकी से जुड़े व्यक्ति द्वारा जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है, हालांकि सुरक्षा एजेंसियां इसकी आधिकारिक पुष्टि में जुटी हैं।
कैसे हुआ हमला?
जानकारी के मुताबिक, शाम करीब 5 बजे दो संदिग्ध युवक कार्यालय के पास पहुंचे। एक युवक ने हेलमेट हाथ में लेकर कथित तौर पर ग्रेनेड जैसी वस्तु फेंकी, जबकि दूसरा उसका वीडियो बनाता रहा। धमाके के तुरंत बाद दोनों मौके से फरार हो गए। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, हालांकि उसकी सत्यता की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
राहत की बात कोई हताहत नहीं
धमाके में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन आसपास खड़े एक स्कूटर को नुकसान पहुंचा और एक कार के शीशे टूट गए। कार्यालय की दीवारों पर छर्रों के निशान भी मिले हैं, जिससे विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जांच में NIA समेत कई एजेंसियां
घटना के बाद स्थानीय पुलिस के साथ-साथ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), क्राइम ब्रांच और ऑपरेशन सेल की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है।
किस तरह के विस्फोटक का इस्तेमाल?
पुलिस सूत्रों का कहना है कि हमले में GHD2P हैंड ग्रेनेड जैसे विस्फोटक का इस्तेमाल हो सकता है, जो बेहद खतरनाक माना जाता है। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में यह देसी विस्फोटक उपकरण भी हो सकता है अभी इसकी पुष्टि बाकी है।
सोशल मीडिया पोस्ट से सनसनी
सोशल मीडिया पर सुखजिंदर सिंह बब्बर नाम के एक व्यक्ति ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे कथित “प्रतिशोध” बताया। पोस्ट में सिख युवाओं से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए चेतावनी दी गई है। एजेंसियां इस दावे की भी जांच कर रही हैं।
नेताओं की प्रतिक्रिया
पंजाब BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इस घटना को पार्टी कार्यालय पर सीधा हमला बताया और इसकी कड़ी निंदा की। पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी चिंता जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। अकाली दल के बिक्रम सिंह मजीठिया और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
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सुरक्षा पर उठे सवाल
हाल के समय में पंजाब और आसपास के इलाकों में इस तरह की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये घटनाएं क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने की कोशिश हो सकती हैं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां हर एंगल से जांच कर रही हैं और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।

