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देशवासियों के त्यौहारों के रखवाले हैं हमाारे जांबाज सीमा प्रहरी

पठानकोट : दीपावली का त्यौहार सारे देशवासी हर्षोल्लास के साथ अपने परिवार से साथ मनाते हैं, मगर रौशनियों की चकाचौंध में अक्सर हम उन चेहरों को भूल जाते हैं जिन सीमा प्रहरियों की बदौलत हम यह प्रकाशमयी उत्सव अपने घरों में सुरक्षित रहकर मना पाते हैं।

सरहद पर तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवानों का मनोबल बढ़ाने हेतु शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद व शहीद परिवारों ने दीवाली के इस पर्व पर भारत-पाक सीमा की जीरो लाईन पर स्थित बी.एस.एफ की ठाकुर पुर पोस्ट पर जाकर जब जवानों को मिठाई, कैंडल, पटाखे, फुलझड़ियां व राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भेंट किया तो सरहद का कोना-कोना ”भारत माता की जय”, ”वीर बलिदानी अमर रहें”, ”सीमा सुरक्षा बल जिंदाबाद” के जयघोष से गूंज उठा।

इस अवसर सीमा सुरक्षा बल की 135 बटालियन के टू.आई.सी (सेकंड इन कमांड) एस.ए टिगा की अध्यक्षता में आयोजित ”दीवाली सरहद वाली” समारोह को संबोधित करते हुए परिषद के महासचिव कुंवर रविंद्र सिंह विक्की ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद देश की पहली ऐसी संस्था है ।

जिसके सदस्य पिछले कई वर्षों से शहीद परिवारों को साथ लेकर सरहद पर जाकर अपने देश के वीर जवानों के साथ दीवाली, होली व रक्षा बंधन जैसे त्यौहार मनाकर उनका मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें यह एहसास करवाते हैं कि हम भी उनके परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा आज देशवासी इन वीर सैनिकों की बदौलत ही अपने सभी त्यौहार हंसी-खुशी सुरक्षित रहकर मना पा रहे हैं।

कुंवर विक्की ने कहा कि इस पावन त्यौहार पर हर शख्स चाहता है कि अपने परिवार के साथ इस प्रकाशमय उत्सव को मनाए मगर अपने घरों से हजारों मील दूर यह जवान पूरी चौकसी के साथ अपनी डयूटी को तनदेही से निभाते हुए दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखे हुए हैं ताकि देशवासी सुकून से दीवाली मना सकें।

उन्होंने कहा कि हमारे सीमा प्रहरी सही मायनों में हमारे त्यौहारों के रखवाले हैं ऐसे में समूह देशवासियों का यह फर्ज बनता है कि ऐसे पर्व हम इन सीमा प्रहरियों के साथ मनाते हुए इनका मनोबल बढ़ाएं ताकि इन्हें अपने परिवारों की कमी महसूस न हो। कुंवर विक्की ने कहा हमारी सीमा सुरक्षा बल देश की ”फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस” है इनके अदम्य साहस व शौर्य की बदौलत ही हमारी सीमाएं महफूज हैं और हमारे देशवासी अमन व चैन की नींद ले पाते हैं।

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