
Bribery allegations in the Zila Parishad : लुधियाना। जिला परिषद कार्यालय में कथित रिश्वतखोरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विजिलेंस ब्यूरो कार्यालय के सामने स्थित जिला परिषद कार्यालय को लेकर आम आदमी पार्टी के ब्लॉक समिति चेयरमैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंचायत विकास विभाग के अधिकारियों पर काम के बदले रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने दावा किया कि रिश्वत नहीं देने पर उनकी फाइलें लौटा दी गईं और मामले की शिकायत विजिलेंस के साथ-साथ संबंधित मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां को भी दी गई है। वहीं, वायरल ऑडियो की सत्यता अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। ब्लॉक समिति के AAP चेयरमैन ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उनके ऑफिस से जुड़े एक अधिकारी को काम न करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया था, जिसके बाद चेयरमैन ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस की और एक ऐसे ऑडियो का ज़िक्र किया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पंचायत विकास विभाग के अधिकारी रिश्वत के बारे में बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनसे भी रिश्वत मांगी गई थी और ये आरोप पूरी तरह सच हैं।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पंचायत विकास विभाग के अधिकारियों ने काम करवाने के बदले उनसे रिश्वत मांगी थी और रिश्वत न देने पर उनकी फाइलें लौटा दी गईं। उन्होंने कहा कि उनके एक कर्मचारी से भी रिश्वत मांगी गई थी, जिसकी कहानी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और जिसे झूठे आरोपों में सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनके JE ने भी इस बारे में विजिलेंस विभाग को शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह पूरा मामला अपने संबंधित मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के ध्यान में भी लाया है और सरकार व विजिलेंस ब्यूरो से सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब यह देखना बाकी है कि उस ऑडियो में कितनी सच्चाई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि लुधियाना ब्लॉक-2 विकास समिति के चेयरमैन ने पंचायत विभाग के अधिकारियों से रिश्वत मांगी है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि कौन सही है और कौन गलत।
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