अमृतसर: अमृतसर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीजन की धुंध होने के साथ ही बार्डर सिक्युरिटी फोर्स की मुसीबतें बढ़ गई हैं। क्योंकि धुंध रात को शुरु होकर सुबह दिन निकलने तक रहती है तो इस दौरान सीमा पर हर तरफ धुंध की सफेद चादर छाई रहती है। घनी धुंध होने के चलते फैंसिंग के उस पार ही नहीं बल्कि इस पार भी कुछ दिखाई नहीं देता। एक तरफ जहां भारत और पाकिस्तान के तस्करों ने इसका फायदा उठा कर हेरोइन और हथियारों की तस्करी करने की कोशिशें शुरु कर दी हैं, तो वहीं दूसरी तरफ बार्डर सिक्योरिटी फोर्स ने मुस्तैदी बढ़ाते हुए निगरानी बढ़ा दी है।
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जानकारी मुताबिक धुंध का सीजन शुरु होने के साथ ही भारत और पाकिस्तान के तस्कर सक्रिय हो गए हैं। तस्कर धुंध का फायदा उठा कर ड्रोन के जरिए हेरोइन और हथियारों की तस्करी करने की योजना बनाने में जुट गए हैं। रात को कुछ घंटों के लिए तो अंतरराष्ट्रीय सीमा पर विजिबिलिटी जीरो हो जाती है और एक से दो मीटर तक की दूरी पर दिखाई देना बंद हो जाता है। इसी का फायदा उठा कर तस्कर अपनी योजनाओं को सफल बनाने में लग जाते हैं।

धुंध के मौसम में विजिबिलिटी कम होने के चलते सीमा पर घुसपैठ के प्रयास भी बढ़ जाते हैं। सीमावर्ती बार्डर आब्जर्विग पोस्ट (पीओपीज) पर जवानों को विशेष ड्रोन रोधी ट्रेनिंग देकर तैयार किया गया है। इसके साथ ही सीमांत गांवों में लोगों को जागरूक करते हुए उन्हें अपने गांव में अज्ञात या बाहरी व्यक्ति के दिखाई देने पर तुरंत बीएसएफ तक इसकी सूचना देने को कहा जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ बीएसएफ ने भी इससे निपटने के लिए तैयारियां शुरु कर दी हैं, ताकि अगले एक महीने तक धुंध के दौरान तस्करों की हर गतिविधि को विफल किया जा सके।
बीएसएफ पंजाब फ्रंटीअर के आईजी अतुल फुलङोले ने सीमा पर बीएसएफ किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
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उन्होंने बताया कि धुंध के दौरान ड्रोन मूवमैंट बढ़ने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए बीएसएफ जवान कंटीली तारों के पास ही नहीं बल्कि सीमांत गांवों में 24 घंटे लगातार निगरानी कर रहे हैं। जवानों को धुंध में गश्त करने के लिए अत्याधुनिक उपकरण और नाइट विजन डिवाइस दिए गए हैं और बार्डर पर क्विक रिएक्शन टीमों की तैनाती की गई है। आईजी फुलङोले अनुसार बीएसएफ ने इस साल अभी तक 255 पाकिस्तानी ड्रोन पकड़े हैं। धुंध सीजन में सीमाओं की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिक्ता है। धुंध के दौरान ड्रोन की साउंड सुनने पर तुरंत कार्रवाई के लिए बीएसएफ के जवानों को अलर्ट मोर्ड पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि ड्रोन के जरिए हथियार या नशीले पदार्थो की सप्लाई रोकने के लिए बीएसएफ पूरी तरह से विजिलेंट।
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