Call for Mental Health Support in Punjab Schools : जालंधर। छात्र आत्महत्या की रोकथाम और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के Sukdeb Saha बनाम State of Andhra Pradesh मामले में दिए निर्देशों के अनुपालन की मांग उठाई गई है।
रविश राज ने बताया कि उन्होंने 18 सितंबर 2026 को संबंधित अधिकारियों को नोटिस भेजकर 60 दिनों के भीतर मानसिक स्वास्थ्य नीति तैयार करने, विद्यार्थियों के लिए पेशेवर काउंसलिंग की व्यवस्था करने और आत्महत्या रोकथाम के प्रभावी उपाय लागू करने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई 2025 के फैसले में शैक्षणिक संस्थानों में काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, आत्महत्या रोकथाम प्रोटोकॉल और स्टाफ प्रशिक्षण सहित कई उपायों के निर्देश दिए थे।
उन्होंने चेतावनी दी कि निर्देश लागू न होने पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूलों में काउंसलर कोई विलासिता नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की बुनियादी जरूरत हैं। परीक्षा के दबाव, बुलिंग, पारिवारिक परेशानियों और मानसिक तनाव से जूझ रहे विद्यार्थियों को समय पर सहायता मिलनी चाहिए। रविश राज जल्द ही शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि पंजाब के बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के लिए है। उन्होंने सरकार से अगली त्रासदी का इंतजार किए बिना सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने की अपील की। विद्यार्थियों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि अंक और परीक्षा परिणाम किसी की जिंदगी से बड़े नहीं हैं।

