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सिख-विरोधी ताकतों से सतर्क रहने और गुरबानी से जुड़ने का आह्वान

call to connect with Gurbani : अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा चलाई जा रही ‘वहीर गुरमत प्रचार लहर’ के तहत आज मुकेरियां के लुबाना भवन स्थित गुरुद्वारा बाबा लखी शाह जी में एक भव्य गुरमत समागम आयोजित किया गया।

शिरोमणि गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य एस. रविंदर सिंह चक के प्रयासों से आयोजित इस गुरमत समागम में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान संगत को संबोधित करते हुए एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का उद्देश्य सिख युवाओं को गुरमत और सिख सिद्धांतों से जोड़ना और उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर करना है। इसी उद्देश्य से हर निर्वाचन क्षेत्र में ऐसे कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि आज सिखों को गुरबानी से दूर करने की कोशिशें की जा रही हैं और सिख-विरोधी ताकतें इसके लिए हर तरह के हथकंडे अपना रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारा इतिहास और पृष्ठभूमि दुनिया में अद्वितीय है।

श्री अकाल तख्त की सर्वोच्चता पर जोर

हमारी प्रार्थना का हर शब्द गुरुओं के बलिदान, संघर्ष और आशीर्वाद का सार है। हम शहीदों, सिंहों, पांच तख्तों, गुरु घर की सेवाओं और पूरे खालसा पंथ को याद करते हैं और अंत में प्रार्थना करते हैं – “नानक नाम चढ़दी कला, तेरे भाणे सरबत दा भला”। यह संदेश न केवल सिखों के लिए है, बल्कि पूरी मानवता के लिए है। उन्होंने कहा कि यह भी हमारी विशिष्टता है कि हम गुरु साहिब से प्राप्त श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति समर्पित हैं। यह सच्चे बादशाह का तख्त है जहां महान हस्तियों ने अपना सिर झुकाया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक ताकतें समय के साथ बदलती रहती हैं, लेकिन गुरु ग्रंथ साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता शाश्वत और अटूट है। उन्होंने कहा कि आज जब सिख सिद्धांतों और पंथिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है तो हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि हम गुरु ग्रंथ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब और गुरु पंथ के नेतृत्व में अटूट विश्वास रखें। यही हमारी ताकत है और यही हमारी पहचान है. उन्होंने संगत को गुरमत के अनुसार जीवन जीने और अमृत धारी बनने की प्रेरणा दी।

 

 

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