
चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी पंजाब के महासचिव एवं पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट ने कैप्टन अमरेंद्र सिंह को घेरते हुए कहा कि वह सदैव अपने निजी हितों को आगे रखकर पंजाब की राजनीति में शामिल रहे हैं। इसका सबूत प्रधानमंत्री मोदी के साथ हाल ही में हुई उनकी मुलाकात से है, जिसमें कैप्टन ने किसानों के हितों और मांगों को नजरअंदाज करते हुए अपने हितों को पहले रखा और भाजपा व शिरोमणि अकाली दल के गठबंधन पर जोर दिया, ताकि उनकी डूबती राजनीतिक नैया बच सके।
आम आदमी पार्टी पंजाब के महासचिव ने कहा कि कैप्टन की पंजाब में राजनीतिक जमीन खिसक चुकी है, जिसका सबूत 2022 में हुए विधानसभा चुनाव थे, जिसमें वह लंबे समय से अपनी काबिज पटियाला सीट भी नहीं बचा सके थे। इसलिए कैप्टन भाजपा में शामिल हो गए, लेकिन यहां पर भी वह हाशिये पर ही हैं और राजनीति में अपनी जगह बनाए रखने के लिए वह अपनी पत्नी परनीत कौर को लोकसभा चुनाव में पटियाला से बतौर भाजपा उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारने लगे हैं, जबकि विधानसभा के लिए अपनी बेटी जय इंदर कौर का नाम आगे रखा है।
इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल पर भी निशाना साधते हुए बरसट ने कहा कि पंजाब में शिरोमणि अकाली दल बादल की राजनीति हाशिये पर है। राजनीतिक जमीन की तलाश में अकाली दल पंजाब के हितों को छोड़कर भाजपा से गठबंधन करने की कोशिश कर रहा है। कैप्टन और बादल परिवार ने पिछले 25 साल में पंजाब पर दोदो बार शासन किया है।
इस दौरान एक-दूसरे को भ्रष्टाचार के आरोप से बचाने के लिए दोनों एक-दूसरे पर राजनीतिक वार करके लोगों को गुमराह करते रहे और अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगे रहे। बरसट ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में अरविंदर केजरीवाल और भगवंत सिंह मान की अगुवाई में आम आदमी पार्टी पंजाब की 13 और चंडीगढ़ की 1 लोकसभा सीट रिकार्ड मतों से जीतेगी। वहीं दूसरी ओर बीजेपी बहुमत तो दूर की बात है, मोदी के नेतृत्व में 100 से ज्यादा सीटें भी नहीं जीत पाएगी।
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