चंडीगढ़: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (वीबी) ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम के दौरान तरनतारन के पूर्व विधायक के बेटे और बहू समेत नगर कौंसिल तरनतारन के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) और क्लर्क और एक फर्म मालिक के खिलाफ कौंसिल के फंड में गबन करने के आरोप में केस दर्ज किया है। इस मामले में उक्त आरोपी ईओ, क्लर्क और एक फर्म मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए राज्य ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस सम्बन्ध में स्थानीय निकाय विभाग द्वारा की गई जांच के परिणामस्वरूप विजीलैंस जांच के आधार पर मामला दर्ज किया गया था और बाद में मामले को आगे की जांच के लिए विजीलैंस ब्यूरो को सौंप दिया गया था।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए राज्य ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस सम्बन्ध में स्थानीय निकाय विभाग द्वारा की गई जांच के परिणामस्वरूप विजीलैंस जांच के आधार पर मामला दर्ज किया गया था और बाद में मामले को आगे की जांच के लिए विजीलैंस ब्यूरो को सौंप दिया गया था।
उन्होंने बताया कि इस मामले में शामिल आरोपियों में नगर कौंसिल तरनतारन की कार्यकारी अधिकारी शरणजीत कौर (अब निलंबित) और क्लर्क नरिंदर कुमार, पूर्व विधायक धर्मवीर अग्निहोत्री के बेटे संदीप कुमार अग्निहोत्री और उनकी पुत्रवधू ज्योति सचदेवा, मेसर्स एमके पदम पेट्रोलियम के मालिक और न्यू पवन नगर, अमृतसर निवासी राजीव गुप्ता, मेसर्स शार्प फोकस विजन प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स एसआर एंटरप्राइजेज लिमिटेड के शेयरधारक शामिल हैं।
इस मामले में नगर कौंसिल तरनतारन में तैनात ईओ शरणजीत कौर और क्लर्क नरिंदर कुमार तथा मेसर्स शार्प फोकस विजन प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स एसआर एंटरप्राइजेज लिमिटेड के शेयरधारक राजीव गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि जांच के दौरान पता चला है कि उक्त ईओ द्वारा वर्ष 2017-2022 के दौरान धोखाधड़ी वाले लेनदेन किए गए थे।
उन्होंने मेसर्स सिद्धू कंस्ट्रक्शन कंपनी, मेसर्स ब्रदर कंस्ट्रक्शन कंपनी और मेसर्स फ्रेंड्स एसोसिएशन को अलग-अलग मदों में चेक के माध्यम से गलत भुगतान किया था। इसके अलावा, पूर्व विधायक धर्मवीर अग्निहोत्री के बेटे संदीप कुमार अग्निहोत्री के साथ मिलीभगत करके आरोपी ईओ ने अपनी कंपनियों मेसर्स शार्प फोकस विजन प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स एसआर एंटरप्राइजेज को फर्जी भुगतान जारी किए थे।
उन्होंने आगे बताया कि स्थानीय निकाय विभाग पंजाब द्वारा की गई जांच के दौरान उक्त फर्जी भुगतानों की रिकवरी तो हो गई, लेकिन 27,88,000 रुपए की राशि अभी भी बकाया है। जांच के दौरान पाया गया कि संदीप कुमार अग्निहोत्री ने अपनी पत्नी ज्योति सचदेवा के स्वामित्व वाली मेसर्स एमके पदम पेट्रोलियम के नाम पर 4,41,03,086 रुपए के फर्जी भुगतान भी जारी करवाए।
इसके बाद संदीप अग्निहोत्री ने इस फर्जी भुगतान का कुछ हिस्सा नगर कौंसिल तरनतारन के खातों में वापस जमा करवा दिया, लेकिन 35,45,404 रुपए अभी भी बकाया हैं। लंबित बिलों के समायोजन के बाद मेसर्स एमके पदम पेट्रोलियम की ओर कुल 1,05,30,628 रुपए की बकाया राशि पाई गई।
इसके अलावा, स्थानीय निकाय विभाग के प्रमुख सचिव पंजाब द्वारा उपलब्ध कराई गई विभागीय निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार ईओ शरणजीत कौर ने अपने कार्यालय में तैनात क्लर्क राजीव कुमार (अब मृतक) तथा उपरोक्त क्लर्क नरिंदर कुमार को बिना किसी बिल या वर्क ऑर्डर के भुगतान जारी कर दिया था।
तथ्यों से यह स्पष्ट था कि ईओ शरणजीत कौर ने संदीप कुमार अग्निहोत्री के साथ मिलीभगत करके अपने पद का दुरुपयोग किया था और उनकी फर्जी फर्मों मेसर्स शार्प फॉक्स विजन प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स एसआर एंटरप्राइजेज को अवैध भुगतान किया था। इसके अलावा, यह भी पाया गया कि बिना किसी टेंडर या कोटेशन के अलग-अलग फर्मों को 14,61,980 रुपये, 3,25,000 रुपये और 2,09,400 रुपये का भुगतान किया गया था।
प्रवक्ता ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के दौरान फर्जी भुगतान प्राप्त करने वाले निजी व्यक्तियों की भूमिका की पुष्टि की जाएगी। आरोपियों को कल सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

