पंजाबः फरीदकोट में मुद्दकी डिस्ट्री के मोघे तोड़कर स्वीकृत हिस्से से अधिक पानी लेने के आरोप में गांव सुखनवाला और किला नौ के 43 किसानों के खिलाफ थाना सदर फरीदकोट में मामला दर्ज होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। कौमी किसान यूनियन ने दावा किया है कि एफआईआर में ऐसे लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं जिनकी करीब 10 साल पहले ही मृत्यु हो चुकी है। यूनियन ने इसे नहरी विभाग की बड़ी लापरवाही बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, जल संसाधन विभाग के एक्सियन की शिकायत पर थाना सदर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विभाग का आरोप है कि मुद्दकी डिस्ट्री के मोगे तोड़कर स्वीकृत हिस्से से अधिक पानी खेतों की ओर मोड़ा गया, जिससे नहर व्यवस्था प्रभावित हुई।
कौमी किसान यूनियन के जिला प्रधान गुरमीत सिंह किला नौ ने कहा कि नहरी विभाग ने बिना किसी जांच-पड़ताल और तथ्यों की पुष्टि किए किसानों के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एफआईआर में उन लोगों के नाम भी शामिल हैं जो करीब एक दशक पहले ही इस दुनिया से जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई विभाग की लापरवाही को दर्शाती है।
किसान नेता संत सिंह ने कहा कि यदि किसी ने नियमों का उल्लंघन किया है तो पहले निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों की पहचान की जानी चाहिए थी। उन्होंने मांग की कि मृतक और निर्दोष किसानों के नाम एफआईआर से तुरंत हटाए जाएं तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि मामले में दर्ज कई नाम ऐसे लोगों के हैं जिनकी मृत्यु को 10 वर्ष से भी अधिक समय बीत चुका है, फिर भी उनके खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
📍 Location: Faridkot (फरीदकोट)

