पंजाब डेस्क: रिश्वतखोरी के एक मामले में गिरफ्तार पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को सीबीआई की अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बता दे कि भुल्लर की न्यायिक हिरासत समाप्त होने के बाद उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया।
सीबीआई ने भुल्लर से उनकी संपत्ति और अन्य मामलों में पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, मंडी गोबिंदगढ़ के एक व्यापारी से 5 लाख रुपये की रिश्वत और आय से अधिक संपत्ति के मामले में अदालत ने उनकी रिमांड नहीं मांगी। भुल्लर को अगले 14 नवंबर को फिर से सीबीआई अदालत में पेश होना होगा।
सीबीआई पहले ही मामले में बिचौलिए कृष्णा को रिमांड पर ले चुकी है। सूत्रों के अनुसार, भुल्लर से पूछताछ के बाद ही अन्य संदिग्धों और व्यापारियों से भी जानकारी जुटाई जाएगी। सीबीआई उनके व्यापारिक और पुलिसिक संपर्कों से जुड़े सबूत इकट्ठा कर रही है।
वकील का पक्ष:
भुल्लर के वकील एच.एस. धनोआ ने कहा कि भुल्लर की संपत्ति उनकी नौकरी से पहले की है और सभी संपत्तियाँ पारिवारिक हैं। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ फैल रही अफवाहों और तथ्यों पर नियंत्रण रखा जाए।
ये भी पढ़ें:
सीबीआई की जांच:
जाँच में सामने आया है कि 1 अगस्त से 17 अक्टूबर तक भुल्लर की वेतन आय ₹4.74 लाख थी, जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए उनके आयकर रिटर्न में वार्षिक आय ₹45.95 लाख दर्शाई गई है। इसके बावजूद ज़ब्त की गई संपत्तियों और पारिवारिक संपत्तियों का अनुमान कई करोड़ रुपये में लगाया गया है।
सीबीआई का दावा है कि भुल्लर ने अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर अपनी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित की और इस संबंध में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे पाए।
ये भी पढ़ें : आज का राशिफल: कुछ राशियों को मिलेंगे नए मौके, कुछ को धैर्य से लेना होगा काम

