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सावधानी और खुशियों के साथ मनाएं दीपावली, सुरक्षा का रखें विशेष ध्यान : शुभमअरोड़ा

Celebrate a Safe and Joyful Diwali मोगा। दीपावली खुशियों, रोशनी और आपसी भाईचारे का पर्व है। त्योहार की उमंग के बीच सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। अच्छी गुणवत्ता वाले पटाखों का इस्तेमाल करने, बच्चों को बड़ों की निगरानी में पटाखे चलाने देने और मिट्टी के दीये जलाकर पारंपरिक तरीके से दीपावली मनाने की अपील की गई।

 

इस त्योहार को उत्साह और उमंग के साथ मनाने के साथ-साथ अपनी और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। पटाखे चलाते समय सावधानी बरतकर संभावित हादसों से बचा जा सकता है। यह अपील शिवम अरोड़ा ने दीपावली के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए की। शुभम अरोड़ा ने कहा कि दीपावली के मौके पर पटाखों की खरीदारी करते समय उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। लोगों को केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार किए गए पटाखों का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

सस्ते और बिना गुणवत्ता की जांच वाले पटाखों से बचना चाहिए, क्योंकि इनके कारण आग लगने या अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को कभी भी अकेले पटाखे चलाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। अभिभावकों को बच्चों के साथ रहकर उन्हें सुरक्षित तरीके से पटाखे चलाने के लिए जागरूक करना चाहिए। पटाखों को हाथ में पकड़कर जलाने से बचें और जलते हुए पटाखे के पास जाने या दोबारा आग लगाने की कोशिश न करें। यदि कोई पटाखा नहीं फूटता है तो उसके पास जाने के बजाय उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

उन्होंने लोगों से अपील की कि पटाखे चलाते समय सूती कपड़े पहनें और ऐसे कपड़ों से परहेज करें, जिनमें आग जल्दी लग सकती है। पटाखे हमेशा खुले और सुरक्षित स्थान पर चलाएं। एहतियात के तौर पर आसपास पानी या रेत का इंतजाम रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर आग पर काबू पाया जा सके। साथ ही, पटाखे चलाते समय बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बीमार लोगों की सुविधा का विशेष ध्यान रखें। शुभम अरोड़ा ने कहा कि दीपावली भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा पर्व है। इस अवसर पर घरों में मिट्टी के दीये जलाकर सरसों के तेल से घर-आंगन को रोशन करना चाहिए।

इससे पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय कुम्हारों को भी रोजगार मिलता है। अंत में उन्होंने लोगों से अपील की कि दीपावली पर अच्छी गुणवत्ता वाली मिठाइयां बांटकर खुशियां साझा करें और आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं। उन्होंने कहा कि दीपावली का वास्तविक आनंद दूसरों के जीवन में खुशियां बांटने, परंपराओं को संजोने और सुरक्षित वातावरण में पर्व मनाने में है।

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