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चीनी की बढ़ती कीमतों के लिए केंद्र की नीतियां जिम्मेदार: डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर

अमृतसर: आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और विधानसभा हलका अमृतसर दक्षिणी से विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने चीनी की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों और गन्ने को एथेनॉल उत्पादन की ओर अधिक मोड़ने के कारण चीनी की उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिसका सीधा बोझ देश के आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है।

डॉ. निज्जर ने कहा कि महज 18 दिनों के भीतर चीनी की कीमत 45 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक पहुंच गई है, जो बेहद चिंताजनक है। इसके अलावा पिछले एक महीने में प्याज की कीमतें भी 30 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं, जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में इतनी तेजी से वृद्धि केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की नीति विदेशी मुद्रा की बचत और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से लागू की गई थी, लेकिन इस नीति के प्रभावों का संतुलित मूल्यांकन करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि गन्ने की बड़ी मात्रा एथेनॉल उत्पादन की ओर मोड़ी जाती है तो चीनी उत्पादन और बाजार में इसकी उपलब्धता पर दबाव पड़ना स्वाभाविक है। पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाने से वाहनों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव अलग विषय हैं।

डॉ. निज्जर ने केंद्र सरकार से मांग की कि चीनी और अन्य जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को तुरंत नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और आम लोगों को राहत दी जाए। सरकार को एथेनॉल नीति और आम उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता के बीच संतुलन बनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देशवासियों को अच्छे दिनों का सपना दिखाकर बुरे दिनों में धकेल दिया है और देश इस समय बेहद खराब दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक महंगाई के कारण आम लोगों के लिए अपने घर चलाना मुश्किल हो गया है। महंगाई का सीधा असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ता है। केंद्र सरकार को लोगों की मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए तुरंत प्रभावी फैसले लेने चाहिए और महंगाई पर नियंत्रण करना चाहिए।

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