लुधियाना: सेंट्रल ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने आज देश भर में विरोध प्रदर्शन के आह्वान के तहत लुधियाना में डिप्टी कमिश्नर ऑफिस के बाहर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मज़दूर, किसान और अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने मज़दूरों और किसानों से जुड़ी मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। संगठनों ने मांग की कि सरकार मज़दूरों की मिनिमम मज़दूरी बढ़ाए, महंगाई पर कंट्रोल करे, रोज़गार के मौके बढ़ाए और सोशल सिक्योरिटी पक्की करे। विरोध प्रदर्शन के दौरान उठाई गई मुख्य मांगों में मिनिमम मज़दूरी बढ़ाकर 42,000 प्रति महीना करना, मज़दूरों को सोशल सिक्योरिटी के दायरे में लाना और MGNREGA को बंद करने के बजाय मज़बूत करना शामिल था।
इसके अलावा किसानों की फसलों के लिए सही दाम और C2+50 परसेंट के फॉर्मूले के हिसाब से मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) की कानूनी गारंटी की मांग भी उठाई गई। संगठनों ने नई एजुकेशन पॉलिसी-2020 को रद्द करने, सरकारी शिक्षा और हेल्थ सेवाओं को मज़बूत करने, बिजली का प्राइवेटाइज़ेशन रोकने और सरकारी संस्थानों को बचाने की भी मांग की।
नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार मज़दूरों और किसानों की मांगों को नज़रअंदाज़ कर रही है, जिसकी वजह से पूरे देश में ये विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द ही मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो संघर्ष और तेज़ किया जाएगा। लुधियाना में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के जमा होने को देखते हुए पुलिस ने DC ऑफिस के आस-पास सुरक्षा और ट्रैफिक का इंतज़ाम भी किया।
📍 Location: Ludhiana

