पंजाब डेस्क: चंडीगढ़ में रहने वालों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। वर्षों से लंबित ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर परियोजना को आखिरकार केंद्र सरकार से हरी झंडी मिल गई है। इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के तहत ट्रिब्यून चौक पर 6 लेन का आधुनिक फ्लाईओवर बनाया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 1.6 किलोमीटर होगी। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 240 करोड़ रुपये के संशोधित बजट को स्वीकृति दे दी है।
ट्रैफिक जाम की समस्या होगी खत्म
ट्रिब्यून चौक चंडीगढ़ का एक प्रमुख ट्रैफिक पॉइंट है, जहाँ से पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की ओर जाने वाला यातायात प्रतिदिन गुजरता है। खासकर सुबह और शाम के समय यहाँ ट्रैफिक जाम आम बात हो गई है, जिससे न केवल आम जनता, बल्कि एम्बुलेंस व सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को भी खासी परेशानी होती है। इस फ्लाईओवर के निर्माण से इन समस्याओं से निजात मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
परियोजना का लंबा सफर
इस फ्लाईओवर की परिकल्पना सबसे पहले वर्ष 2016 में की गई थी, जब इसे सैद्धांतिक मंजूरी मिली थी। हालांकि, पर्यावरणीय बाधाओं के चलते परियोजना अटक गई। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रिब्यून चौक के आसपास पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी थी, जिससे निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका। लेकिन मई 2024 में अदालत द्वारा यह रोक हटाए जाने के बाद प्रशासन ने परियोजना को पुनः गति दी।
सांसद मनीष तिवारी की पहल
27 फरवरी 2025 को चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर इस परियोजना को शीघ्र प्रारंभ करने की अपील की थी। इसके बाद मार्च 2025 में प्रशासन ने संशोधित लागत के साथ प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा, जिसे अब जुलाई 2025 में औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है।
निर्माण कार्य जल्द होगा शुरू
मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई अहम बैठक में परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद अब जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि यह फ्लाईओवर 18 से 24 महीनों के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा। निर्माण के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन की विशेष योजना बनाई जाएगी ताकि लोगों को न्यूनतम असुविधा हो।
चंडीगढ़ और आसपास के शहरों को मिलेगा लाभ
यह फ्लाईओवर न केवल चंडीगढ़ के ट्रैफिक को सुगम बनाएगा, बल्कि इससे मोहाली, पंचकूला, अंबाला और अन्य आसपास के शहरों को भी फायदा पहुंचेगा। यह परियोजना क्षेत्रीय संपर्कता को बेहतर बनाते हुए आने वाले वर्षों में ट्रैफिक के दबाव को कम करने में मदद करेगी।

