अमृतसर: श्री दुग्र्याणा कमेटी के पूर्व प्रधान एडवोकेट रमेश शर्मा ने कहा कि मंदिर कमेटी की मौजूदा प्रधान लक्ष्मीकांता चावला ने करीब दो महीने पहले कमेटी के महासचिव अरुण खन्ना पर छह लाख रुपये के गबन का आरोप लगाया था, लेकिन उस पर कमेटी ने क्या कार्रवाई की, इसको लेकर चावला ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है। श्री दुग्र्याणा मंदिर परिसर स्थित भगवान परशुराम मंदिर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शर्मा ने कहा कि चावला ने इस संबंध में खन्ना को दो पत्र लिखे थे। दूसरे पत्र में चावला ने यह भी लिखा था कि खन्ना ने अगर छह लाख रुपये जमा नहीं करवाए तो वह उनके खिलाफ लीगल एक्शन लेंगी। करीब दो महीने बीत जाने के बाद भी चावला ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उक्त रुपयों का क्या हुआ। उन्होंने चुप्पी साध ली है। ऐसा लगता है कि वह असहाय हो गई है। वह खुद तीन बार चावला से मिलकर मंदिर कमेटी की अदरुनी स्थिति की जानकारी दे चुके हैं।
शर्मा ने कहा कि खन्ना ने खुद ही जांच कमेटी बनाकर खुद को क्लीन चिट दे दी, जबकि कोई भी मीटिंग होती है तो उसकी रिपोर्ट पर प्रधान के हस्ताक्षर होना अति जरुरी है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने चावला को मंदिर कमेटी का सरपरस्त बनाया था। आज उनको कमेटी का सरपरस्त बनाया जाता तो शायद यह स्थिति न बनती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सैकड़ों साल पुराने श्री शीतला माता मंदिर में विराजित माता रानी के पिंडी स्वरुप पिछले डेढ़ साल से खंडित है। शास्त्रीय विधान के अनुसार प्रतिष्ठित कोई भी स्वरुप खंडित होता है तो उसकी पूजा से नकारात्मक वातावरण बनता है, वहीं यह दोषपूर्ण है। मंदिर के पुजारियों ने कमेटी को लिखित तौर पर इसकी जानकारी दे दी है, लेकिन कमेटी ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। बेहतर होगा कि कमेटी तुरंत इस दिशा में कार्रवाई करे। इस मौके पर पूर्व वित्त सचिव रमेश शर्मा, पूर्व पार्षद महेश खन्ना, पूर्व सह मैनेजर विपन चोपड़ा, सुरेंद्र गोगा, राजीव जोशी, राजीव सोनी, अशोक शर्मा, शाम शर्मा, विनोद भोला आदि उपस्थित थे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...