
Checkpost removed, barricades on the road. : अमृतसर। पुलिस नाके खत्म होने के बाद सड़कों पर बैरिकेड छोड़ दिए जाने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने इसे खासकर रात के समय दुर्घटनाओं का कारण बनने वाली लापरवाही बताते हुए पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है।
पुलिसकर्मी बैरिकेड लगाकर गाड़ियों की जांच करते हैं और संदिग्ध गाड़ियों को रोककर पूछताछ भी करते हैं। सुरक्षा के नज़रिए से पुलिस की यह कार्रवाई ज़रूरी मानी जाती है, लेकिन नाका खत्म होने के बाद एक और समस्या खड़ी हो जाती है। नाका खत्म होने के बाद, पुलिस की ओर से कई जगहों पर लगाए गए बैरिकेड सड़कों पर ही छोड़ दिए जाते हैं। ये बैरिकेड कभी-कभी सड़क के किनारे या ट्रैफिक लेन में ही पड़े रहते हैं, जिससे वाहन चालकों को परेशानी होती है। खासकर रात में कम रोशनी वाली सड़कों पर, इन बैरिकेड की वजह से दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं।
एक तरफ पुलिस सड़कों पर नाके लगाकर ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाने की कोशिश करती है, लेकिन दूसरी तरफ नाका खत्म होने के बाद बैरिकेड को उनकी सही जगह पर वापस रखने की ज़िम्मेदारी निभाना भी ज़रूरी है। शहर के लोगों का कहना है कि अगर नाके के लिए बैरिकेड का इस्तेमाल किया जाता है, तो नाका खत्म होने के तुरंत बाद उन्हें हटा दिया जाना चाहिए। लोगों ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि नाके के बाद सड़कों पर बैरिकेड छोड़ने के बजाय, संबंधित कर्मचारियों को उन्हें तय जगह पर रखने के स्पष्ट निर्देश दिए जाएं। सवाल यह है कि जब नाका लगाने की ज़िम्मेदारी याद रहती है, तो नाका खत्म होने के बाद बैरिकेड हटाने की ज़िम्मेदारी क्यों भुला दी जाती है?
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