पंजाब की खेल प्रतिभाओं ने देश और दुनिया के विभिन्न मंचों पर तिरंगे का मान बढ़ाया है और अब उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक पहल की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रदेश के 87 महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार विजेताओं और 1,070 पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 32.05 करोड़ रुपये की इनामी राशि देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब आज देश की उभरती हुई खेल शक्ति बनकर सामने आ रहा है, जहां खिलाड़ियों को सम्मान, आर्थिक सहयोग और रोजगार के अवसर एक साथ उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ओलंपिक और एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को एक-एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि और खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां देकर राज्य सरकार खेल संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
आज यहां सेक्टर-35 में म्यूनिसिपल भवन में आयोजित समारोह के दौरान खेलों के क्षेत्र में निर्णायक बदलाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वर्ष 2026-27 के लिए 1,763 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक खेल बजट और जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभा को निखारने के लिए 1,300 करोड़ रुपये की लागत से 3,148 ग्रामीण खेल मैदान विकसित करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि पंजाब पहली बार एशियाई चैंपियनशिप ट्रॉफी की मेजबानी करेगा और एक नवंबर को पंजाब दिवस पर भारत-पाकिस्तान के बीच रोमांचक मुकाबला होगा। पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब देश के लिए असंख्य चैंपियन पैदा करने के बावजूद पहले कभी भी राज्य को किसी बड़े खेल आयोजन की मेजबानी करने का मौका नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा कि खेल संघों पर वास्तविक खिलाड़ियों के बजाय राजनीतिक रूप से जुड़े व्यक्तियों का दबदबा रहा।
शानदार सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दिन पंजाब के लिए ऐतिहासिक पल है क्योंकि 87 खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जबकि विभिन्न खेलों के 1,070 पदक विजेता खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार सरकार ने खिलाड़ियों में 32.05 करोड़ रुपये की इनामी राशि वितरित की है। पंजाब सरकार ने न केवल ओलंपिक और एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को 1-1 करोड़ रुपये से सम्मानित किया है, बल्कि 9 पदक विजेता खिलाड़ियों को नौकरियां भी प्रदान की हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपलब्धियों के माध्यम से देश और राज्य का बहुत मान बढ़ाया है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनके साथ मजबूती से खड़े हों और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें वह सम्मान, मान्यता और सहयोग मिले जिसके वे हकदार हैं।”
पंजाब सरकार के खेलों के प्रति दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहली बार पंजाब के 220 खिलाड़ियों को खेल प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए 8.61 करोड़ रुपये दिए गए। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार ने राज्य भर में खेलों के बुनियादी ढांचे और एथलीटों के विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,763 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड खेल बजट आवंटित किया है। गांवों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को निखारने के लिए 1,300 करोड़ रुपये की लागत से 3,148 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। ये मैदान गांवों के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रकाश स्तंभ बनेंगे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब पहली बार एशियाई चैंपियनशिप ट्रॉफी की मेजबानी करेगा, जिसे राज्य की खेल विरासत के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने आगे घोषणा की कि इस टूर्नामेंट के दौरान बहुप्रतीक्षित भारत-पाकिस्तान मैच पंजाब दिवस पर करवाया जाएगा। उन्होंने कहा, “पंजाब ने देश को असंख्य पदक और चैंपियन दिए हैं, फिर भी पिछली सरकारों ने कभी यह सुनिश्चित नहीं किया कि राज्य को बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने का मौका मिले। हमने उस मानसिकता को बदल दिया है और पंजाब को भारत के खेल मानचित्र के केंद्र में लाया है।”
पुरानी व्यवस्था पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में खेल संघों पर पहले राजनीतिक रूप से जुड़े व्यक्तियों का दबदबा था, लेकिन पंजाब सरकार ने उस प्रवृत्ति को समाप्त कर दिया है और मेरिट के आधार पर आम खिलाड़ियों के लिए दरवाजे खोल दिए हैं। पंजाब को खेलों की महाशक्ति में बदलने के लिए बड़ी पहल करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने शीर्ष राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार प्रदान करके और बड़े पैमाने पर नकद पुरस्कार वितरित करके वर्ष 2019 से 2023 तक के बकाया सम्मानों के दशकों लंबे बैकलॉग को सफलतापूर्वक समाप्त कर दिया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने खिलाड़ियों को जीत के बाद ही पुरस्कार देने की पुरानी प्रथा को भी बदल दिया है। उन्होंने कहा कि अब एथलीटों को टूर्नामेंटों से पहले वित्तीय रूप से सहायता दी जा रही है ताकि उन्हें उच्च स्तर पर तैयारी करने और प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा, “हमारे खिलाड़ियों की सहायता के लिए पंजाब सरकार ने प्रशिक्षण और उच्च स्तरीय खेल उपकरणों की खरीद के लिए नए लॉन्च किए गए खेल पोर्टल के माध्यम से 15 करोड़ रुपये से अधिक राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की है। इस पोर्टल में फेंसिंग (तलवारबाजी), कायाकिंग, शूटिंग (निशानेबाजी) और आर्चरी (तीरंदाजी) जैसे खेलों के लिए विशेष अनुदान भी शामिल हैं और यह खिलाड़ियों को कॉर्पोरेट प्रायोजकों से जोड़ने में मदद करेगा।”
शीर्ष सम्मानित खिलाड़ियों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, हरलीन देवल और अमनजोत कौर को विश्व कप जीतने के लिए डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये से सम्मानित किया गया। निशानेबाजी में विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता अमनप्रीत सिंह को 1.54 करोड़ रुपये और नीरज कुमार को 1.52 करोड़ रुपये की राशि से सम्मानित किया गया, जबकि किरनदीप कौर और कृतिका शर्मा ने 50-50 लाख रुपये प्राप्त किए।

